मल्हार

15 दिन से अंधेरे में मल्हार… फूटा जनआक्रोश, बिजली दफ्तर का घेराव, 7 दिन का अल्टीमेटम, नहीं सुधरी व्यवस्था तो होगा चक्काजाम

हरिशंकर पांडेय

मल्हार – पिछले 15 दिनों से लगातार अघोषित बिजली कटौती, खराब ट्रांसफार्मर, जले हुए केबल और बार-बार आने वाली तकनीकी खराबियों से परेशान मल्हार सहित आसपास के 20 से अधिक गांवों के लोगों का आक्रोश सोमवार को फूट पड़ा। नगर पंचायत उपाध्यक्ष सुशील राजा चौबे के नेतृत्व में पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों नागरिकों ने बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो बड़ा जनआंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कभी 11 केवी लाइन में फॉल्ट, कभी एलटी लाइन और केबल जलने, तो कभी विद्युत वितरण केंद्र में तकनीकी खराबी के कारण घंटों बिजली गुल रहती है। इसका सबसे अधिक असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है। बिजली बंद रहने से जल टंकियां नहीं भर पा रही हैं, जिससे लोगों को पानी के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।

नगरवासियों ने बताया कि कुछ दिन पहले आकाशीय बिजली गिरने से मुख्य पैनल जल गया था, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में करीब 24 घंटे तक ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। लोगों का कहना है कि मल्हार में 132 केवी का बड़ा विद्युत उपकेंद्र स्थापित होने के बावजूद नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। बरसात शुरू होते ही बिजली की आंख-मिचौली आम बात बन गई है।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि बारिश से पहले रखरखाव (मेंटेनेंस) के दावों के बावजूद हर साल वही समस्याएं सामने आती हैं। आए दिन तार टूटना, फॉल्ट होना और ट्रांसफार्मर खराब होना सामान्य बात हो गई है। विभागीय कर्मचारियों ने भी स्वीकार किया कि मल्हार सब स्टेशन की कई आवश्यक मशीनें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, जिससे बार-बार ट्रिपिंग की समस्या आ रही है।

घेराव के समय कोई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था। ऐसे में प्रदर्शनकारियों ने कनिष्ठ यंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए केबल बदलने, सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाने सहित सात प्रमुख मांगों पर सात दिन के भीतर कार्रवाई करने की मांग की। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो नगरवासी चक्काजाम सहित उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

इस दौरान पार्षद कमलेश सिंह, पार्षद पीयूष पाटले, पार्षद रमेश यादव, पार्षद रामफल कांत, पार्षद प्रतिनिधि मनराखन कैवर्त, पार्षद जगदीश राय, पार्षद सुजीत राजभानु, पार्षद प्रतिनिधि रंजन साहू, एल्डरमैन रामनारायण कश्यप,छाया पार्षद गणेश तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में नगरवासी महिला और पुरुष मौजूद रहे।

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