
जुगनू तंबोली
बिलासपुर – जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नवागांव आवास पारा में गुरुवार की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां शराब के नशे में धुत एक बेटे ने अपने ही लकवाग्रस्त पिता की लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी अपनी मां की भी जान लेने पर उतारू हो गया, लेकिन महिला समय रहते घर से भागकर रिश्तेदार के यहां छिप गई, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश और दहशत का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार नवागांव निवासी रिखीराम सूर्यवंशी 70 वर्ष लंबे समय से लकवाग्रस्त थे और बिस्तर पर ही रहते थे। गुरुवार की रात उनका बेटा शिवचरण उर्फ पिंटू 38 वर्ष शराब के नशे में घर पहुंचा। पिता ने बेटे को नशा करने से मना किया और समझाने का प्रयास किया। इसी बात से आरोपी भड़क उठा और गाली-गलौज करते हुए विवाद करने लगा। देखते ही देखते उसका गुस्सा इस कदर बढ़ गया कि उसने घर में रखी लाठी उठाकर बिस्तर पर पड़े अपने असहाय पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण रिखीराम की मौके पर ही मौत हो गई। पिता की हत्या के बाद भी आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह हाथ में लाठी लेकर अपनी मां को ढूंढने लगा।
बताया जा रहा है कि बेटे के उग्र व्यवहार को देखकर रिखीराम ने पहले ही पत्नी को घर से भाग जाने के लिए कह दिया था। महिला पास ही अपने रिश्तेदार के घर जाकर छिप गई थी। आरोपी वहां भी पहुंच गया और दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास करता रहा। इस दौरान का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी का उग्र रूप दिखाई दे रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। रतनपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी शिवचरण को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी का आपराधिक और हिंसक व्यवहार पहले से रहा है। करीब 15 दिन पहले ही वह जेल से छूटकर घर आया था। इससे पहले भी उसने शराब के नशे में अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ मारपीट की थी और घर में आग लगा दी थी। उस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से रिहा होने के महज 15 दिन बाद उसने अपने ही पिता की निर्मम हत्या कर दी।इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोपी पर पहले ही सख्ती से कार्रवाई होती और उसकी नशे की लत पर नियंत्रण किया जाता, तो शायद एक बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और हत्या के मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।