
रमेश राजपूत
बिलासपुर – कोटा थाना क्षेत्र में एक अनपढ़ और वृद्ध किसान के साथ कथित धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने ग्राम घोरामार निवासी 67 वर्षीय चैनदास मानिकपुरी की शिकायत पर संतोष दास मानिकपुरी और सोनू दास मानिकपुरी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।शिकायतकर्ता चैनदास मानिकपुरी ने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं और अनपढ़ होने के कारण हमेशा अंगूठा लगाते रहे हैं। उनके अनुसार, बड़े भाई द्वारा बंटवारे में मिली लगभग चार एकड़ जमीन का नामांतरण कराने के लिए उन्होंने एक वकील से संपर्क किया था। आरोप है कि वकील ने उनके दस्तावेज संतोष और सोनू मानिकपुरी को यह कहकर सौंप दिए कि वे नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करा देंगे। पीड़ित का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने उन्हें झांसे में लेकर कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। बाद में उन्हें पता चला कि उनकी विभिन्न खसरा नंबरों में दर्ज करीब चार एकड़ जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई है। इसकी जानकारी उन्हें तहसील कार्यालय से मिली, जबकि आरोपियों ने उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगने दी।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने वकील की फीस देने का बहाना बनाकर जिला सहकारी बैंक, कोटा स्थित उनके बचत खाते से 27 अप्रैल 2026 से 4 मई 2026 के बीच तीन किस्तों में करीब सात लाख रुपये भी निकलवा लिए। चैनदास का कहना है कि अनपढ़ होने का फायदा उठाकर उनसे हस्ताक्षर कराए गए और पूरी रकम हड़प ली गई। पीड़ित ने पुलिस से जमीन की कथित फर्जी बिक्री और बैंक खाते से निकाली गई राशि की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कोटा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर संतोष दास मानिकपुरी एवं सोनू दास मानिकपुरी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।