
रमेश राजपूत
बिलासपुर – डीपी विप्र विधि महाविद्यालय में जूनियर छात्र के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कॉलेज में रैगिंग और छात्रों पर दबाव बनाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार करने पर नवप्रवेशित छात्र तुषार दुबे के साथ सीनियर छात्रों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। घटना में कॉलेज के वर्तमान विद्यार्थियों के साथ वर्षों पहले पढ़ाई पूरी कर चुके कुछ युवकों के शामिल होने के आरोप भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि तुषार दुबे को महेश साहू, अखिलेश समेत करीब दर्जनभर सीनियर छात्रों ने घेर लिया। आरोप है कि पहले उसे कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया। तुषार ने प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार किया तो कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और लात-घूंसों से मारपीट की गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज के जूनियर विद्यार्थियों में भय का माहौल बताया जा रहा है।
रैगिंग के एंगल से जांच की मांग
जूनियर छात्र को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी गतिविधि में शामिल होने के लिए दबाव डालने और इनकार करने पर कथित मारपीट को लेकर रैगिंग की आशंका भी गहरा गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि सीनियर होने के नाम पर जूनियर्स को डराना-धमकाना या दबाव बनाना स्वीकार्य नहीं है। पूरे मामले की रैगिंग के एंगल से भी जांच की मांग उठ रही है।
पुराने छात्रों की सक्रियता पर सवाल
मामले में ऐसे युवकों की कथित मौजूदगी भी चर्चा में है, जिन्होंने वर्षों पहले कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर ली है। विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके लोगों का परिसर में आकर छात्रों पर दबाव बनाना गंभीर विषय है। सीनियर विद्यार्थियों की भूमिका जूनियर्स का मार्गदर्शन करने की होनी चाहिए, न कि उन्हें किसी गतिविधि के लिए मजबूर करने की।
कॉलेज कमेटी ने लिया कार्रवाई का निर्णय
प्राचार्य सुषमा तिवारी ने बताया कि चलती कक्षा में कुछ पुराने छात्र घुसकर इंट्रोडक्शन करने लगे थे। शिक्षक द्वारा मना किए जाने के बाद उन्होंने प्रदर्शन शुरू किया और छात्रों को जबरन प्रदर्शन में बैठने के लिए कहा। एक छात्र के मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद तत्काल कॉलेज कमेटी की बैठक बुलाई गई। बैठक में पुराने छात्रों के जबरन विवाद करने पर कार्रवाई करने और उनके कॉलेज प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही मामले की जानकारी बार काउंसिल को भेजकर कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
क्या दर्ज होगी एफआईआर ?
फ़िलहाल इस मामले में एफआईआर दर्ज नही हुई है, जिसके पीछे कॉलेज प्रबंधन की शिकायत या छात्र के निजी शिकायत का इंतजार करना बताया जा रहा है, अब देखना होगा कि इस मामले में आगे एफआईआर दर्ज होती है या नही?