मल्हार

मछली पालन के लिए तालाब का पट्टा देने 3 वर्षों का चक्कर…हाईकोर्ट के आदेश तक की अवहेलना, नगर पंचायत मल्हार में चल रही अनोखी सरकार

उदय सिंह

मल्हार – अंधा बाँटे रेवड़ी फिर – फिर अपनों को दे हिन्दी की यह एक प्रसिद्ध लोकोक्ति है जिसका प्रयोग अक्सर हिन्दी के लेख, निबंध आदि में किया जाता है, लेकिन यह वाकया मल्हार नगर पंचायत में चरितार्थ होता देखा जा सकता है, क्योंकि यहाँ की निकाय सरकार किसी की नही सुनती यहाँ तक कि हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना तक कि जा चुकी है बावजूद इसके पीड़ित को न्याय नही मिला है, जो न्याय पाने लगातार प्रयास में जुटा हुआ है।

दरअसल नगर पंचायत मल्हार मेंं स्थित परमेशरा तालाब में मछली पालन के लिए 26.11.2019 को प्रस्ताव पास किया गया था, जिसे 04.03.2020 को जिला पंचायत से अनुमोदन भी मिल गया और 11.03.2020 को पंजीयन कर अनुबंध भी हो गया लेकिन प्रार्थी रमेश यादव को नगर पंचायत मल्हार से मछली पालन के लिए पट्टा नही दिया गया, जिसके बाद प्रार्थी ने हाईकोर्ट तक कि शरण ली लेकिन उसका कोई लाभ प्रार्थी को नही मिला,

हाईकोर्ट से आदेश मिलने के बाद भी उस आदेश की अवहेलना कर दी गई, जिसके बाद लगातार आज तक उन्हें भटकाया जा रहा है। मामले में यह अनदेखी इसलिए कि गई क्योंकि परमेशरा तालाब को कई लोगों को मछली पालन के लिए दे दिया गया, क्योंकि यह संबंधित स्थानीय निकाय के करीबी थे, यही वजह रही कि किसी भी आदेश और प्रक्रिया का पालन नही किया गया,

हाल के हालातों के अनुसार प्रार्थी ने फिर से पूरी प्रक्रिया के दस्तावेज नगर पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रस्तुत करते हुए उसका पालन करने आवेदन दिया है, अब देखना होगा कि आखिरकार स्थानीय सरकार की अनदेखी चलती है या हाईकोर्ट के आदेश का असर होता है।

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