छत्तीसगढ़

स्कूल जीर्णोद्धार के काम में कभी भी घट सकती है बड़ी दुर्घटना , लोग सुरक्षा संदेशों का पालन करने की जगह कर रहे है विवाद

आकाश मिश्रा

मुंगेली नगर पालिका द्वारा संचालित उच्चतर माध्यमिक शासकीय स्कूल आफत की वजह बन चुका है। कभी जर्जर हो चुके भवन के टुकड़े गिरने से यहां के छात्र परेशान थे और उन्होंने सड़क पर उतर कर इस लड़ाई को लड़ा था। जिसके बाद अब जर्जर शाला भवन के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन यहां नई समस्या उभरती नजर आ रही है। दूसरे माले पर मजदूर तोड़फोड़ कर रहे हैं और वहीं से मलबा नीचे गिराया जा रहा है। हालांकि इसके लिए पूरी सावधानी और सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। स्कूल के दोनों ओर से गुजरने वाली सड़क को बैरिकेड लगाकर और सुरक्षा संकेत देकर लोगों को इस सड़क से नहीं गुजरने कहा गया है। लेकिन हमेशा की तरह लोग सुरक्षा संकेत और निर्देशों की अनदेखी कर उसी सड़क से गुजर रहे हैं, जिस सड़क पर तोड़फोड़ के दौरान लगातार भवन के टुकड़े ऊपर से गिर रहे हैं।

जाहिर है अगर किसी के ऊपर यह टुकड़े गिर जाए तो फिर उसे गंभीर चोट सकती है या फिर जान भी जा सकती है ,लेकिन सड़क से गुजरने वाले राहगीर और स्कूल आने वाले बच्चे, मजदूरों की बात सुनने को ही तैयार नहीं । उल्टे वे मजदूरों से ही भिड़ रहे हैं । जिसके चलते मजदूर भी काम करने से मना कर रहे हैं ,क्योंकि उन्हें इस दिक्कत की वजह से बार-बार अपना काम रोकना पड़ रहा है ,जिससे उन्हें दुगना समय लग रहा है। नगर पालिका द्वारा संचालित उच्चतर माध्यमिक शाला के जर्जर भवन के ऊपरी माले को तोड़कर 20 लाख की लागत से नए कमरे तैयार किए जा रहे हैं। डिस्मेंटल का काम बुधवार से शुरू किया गया लेकिन पहले ही दिन से यहाँ व्यावहारिक दिक्कत साफ नजर आने लगी है। स्कूल के दो तरफ से सड़क गुजरती है, जिसे ब्लॉक कर संकेतक फ्लेक्स भी लगा दिए गए हैं। जिसमें स्पष्ट लिखा है कि निर्माण कार्य प्रगति पर है इसलिए रास्ता बंद है, लेकिन फिर भी लोग निर्देशों की अनदेखी कर इसी सड़क से गुजर रहे हैं। बेरीकेट को लांघ कर गुजरने वालों से बार-बार मजदूरों की झड़प भी हो रही है । खास बात यह है कि इस सड़क के दोनों और रहने वाले लोगों को तो सड़क बंद कर दिए जाने से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन दूसरे जो लोग इस सड़क से गुजर रहे हैं वही झमेला कर रहे हैं, जबकि इस सड़क के वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध है। नागरिक बिल्कुल भी सहयोग करने को तैयार नहीं दिख रहे। यही इस देश का दुर्भाग्य है कि यहां हर किसी को तरक्की और सुशासन चाहिए लेकिन अनुशासन में कोई रहना नहीं चाहता।

मजदूरों और राहगीरों के बीच बार-बार हो रही झड़प से अव्वल तो काम प्रभावित हो रहा है और यह आशंका गहरा रही है कि कहीं कोई दुर्घटना ना हो जाए। एक दिन पहले यहां पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी। लगता है अब जब तक निर्माण कार्य जारी रहेगा तब तक पुलिस बल की तैनाती सुरक्षा इंतजाम के लिए करनी होगी। नहीं तो फिर काम पिछड़ता चला जाएगा।

error: Content is protected !!
Letest
मल्हार:- साइबर ठगी की रकम खपाने में इस्तेमाल हो रहा था बैंक खाता, पांच शिकायतों के बाद पुलिस ने दर्ज... 1.80 लाख में मां ने ही बेच दिया अपना कलेजे का टुकड़ा.. पश्चिम बंगाल से सकुशल बरामद हुआ 10 माह का मास... कमीशन का लालच, खाते में साइबर ठगी की रकम! च्वाइस सेंटर संचालकों को फंसाने नया पैंतरा.. क्यूआर कोड से... सिम्स में नवजात की मौत का मामला: कलेक्टर जनदर्शन पहुंची मां, पूछा...आखिर कब मिलेगा न्याय? अस्पताल की दहलीज पर प्रसव पीड़ा, 108 की टीम ने एम्बुलेंस में कराया सुरक्षित प्रसव मस्तूरी:- मनरेगा में कथित गड़बड़ी, जांच के बाद भी कार्रवाई का अता-पता नहीं! कुटेला के ग्रामीण तीसरी ... बिलासपुर:- शराब के नशे में खूनी खेल! कमरे में सोने को लेकर विवाद...चाचा ने 17 साल के भतीजे की ले ली ... रिहायशी इलाके में अवैध पटाखों का बड़ा जखीरा बरामद.. 8.56 लाख का माल जब्त, बिलासपुर:- ट्यूशन से लौट रही 16 वर्षीय जानवी की मौत... तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने मारी टक्कर, चालक वाहन ... सिम्स में नर्सों की हड़ताल, मरीजों की देखभाल प्रभावित...3 दिन बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी,