
रविवार को एक नवजात की मौत से फिर से सिम्स की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
बिलासपुर-बीते मंगलवार को सिम्स में आग लग जाने की वजह से फैले धुए से पीड़ित एक और बच्चे की मौत रविवार को हो गई ।आपको याद होगा कि बीते मंगलवार को शार्ट सर्किट की वजह से सिम्स में आग लग गई थी ।इसके बाद एनआईसीयू में धुआं भर गया था।आनन फानन में जहां इलाज करा रहे 22 बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। शिफ्टिंग के बाद दो बच्चों की मौत हो चुकी थी ।रविवार को एक और बच्चे की मौत हो गई ।पेंड्रा थाना क्षेत्र के गांव मढ़ई निवासी धन कुमारी बाई ने ठीक एक सप्ताह पहले सिम्स में अपने पहले बेटे को जन्म दिया था ।नवजात की तबीयत खराब होने की वजह से उसका इलाज एनआईसीयू में भर्ती कर किया जा रहा था। इसी दौरान आगजनी की घटना हुई और धनबाई के नन्हे बच्चे को व्यापार विहार स्थित महादेव हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया ।यहां इलाज के दौरान शनिवार देर रात बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और रविवार तड़के उसने दम तोड़ दिया ।कुल मिलाकर अब तक सिम्स अग्निकांड के बाद 3 बच्चों की मौत हो चुकी है ।अग्नि कांड के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने भी सिम्स का दौरा किया था और शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि सिम्स में इलेक्ट्रिक वायरिंग बेहद खराब दर्जे की है। हैरानी इस बात की है कि यहां बिजली मेंटेनेंस के लिए कोई इलेक्ट्रिशियन नहीं है बल्कि यह काम 2 वार्ड ब्वॉय के जिम्मे है ।जगह जगह खुले तार दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। इसी वजह से सिम्स में आगजनी भी हुई थी। इस घटना से सिम्स बिल्डिंग में भविष्य में अस्पताल का संचालन संभव है या नहीं इस पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। अभी पता नहीं सिम्स का अग्निकांड और कितने बच्चों की कुर्बानी लेगा ।रविवार को एक नवजात की मौत से फिर से सिम्स की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।