
उदय सिंह
बिलासपुर – सीपत थाना क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह के बीच ग्रामीणों द्वारा पकड़ी गई तीन महिलाओं की जांच में पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूछताछ और पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि पकड़ी गई महिलाओं में से एक महिला पहले से ही चोरी और ठगी के मामले में फरार आरोपी थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार शनिवार को ग्राम बनियाडीह में तीन महिलाएं घूम-घूमकर भीख मांग रही थीं। इस दौरान ग्रामीणों को संदेह हुआ कि वे बच्चा चोरी करने के इरादे से गांव में घूम रही हैं। ग्रामीणों का आरोप था कि महिलाएं बच्चों को चॉकलेट का लालच देकर अपने पास बुलाने की कोशिश कर रही थीं। शक के आधार पर ग्रामीणों ने तीनों महिलाओं को पकड़ लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों महिलाओं को थाना लेकर आई। थाने में पूछताछ के दौरान महिलाओं ने पहले अलग-अलग नाम और पते बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने अपना असली नाम-पता बताया और चकरभाठा क्षेत्र की निवासी होना स्वीकार किया। पुलिस रिकॉर्ड से मिलान करने पर पता चला कि झुनिया बाई सौरा उर्फ शांति बाई 55 वर्ष निवासी ग्राम जाली, थाना रतनपुर करीब तीन साल पुराने चोरी और ठगी के मामले में आरोपी है। पुलिस ने पुराने प्रकरण में उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सीपत पुलिस के मुताबिक 8 दिसंबर 2023 को ग्राम कुकदा में झाड़-फूंक के बहाने एक दंपती रात में घर पहुंचा था। पीड़ित परिवार ने बताया कि झाड़-फूंक के दौरान उन्होंने एक पेटी में लगभग 50 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर रखवाए थे। आरोप है कि झाड़-फूंक के दौरान दंपती ने घर के लोगों को नींबू गाड़ने के बहाने बाहर भेज दिया और मौका पाकर पेटी से करीब 60 हजार रुपये नकद और जेवर पार कर दिए थे। इस मामले में साथ पकड़ी गई दो अन्य महिलाओं के खिलाफ पुलिस ने शांति भंग की आशंका के चलते धारा 109 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में बच्चा चोरी की कोई घटना नहीं हुई है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।