
जब से अरुण साव् को प्रत्याशी घोषित किया गया है उनकी दिनचर्या ही बदल गई है अचानक से वे कार्यकर्ताओं से घिर गए हैं और पूरा दिन लोगों से मिलने में गुजर रहा है। अब तक नेपथ्य में रहे अरुण साव के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है
बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
भारतीय जनता पार्टी ने आर एस एस के पुराने कार्यकर्ता और भाजयुमो में विभिन्न पदों पर रहे पूर्व उपमहाधिवक्ता अरुण साव पर भरोसा करते हुए उन्हें बिलासपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। इस घोषणा के बाद मां का आशीर्वाद प्राप्त करने अरुण साव सोमवार को सिद्ध शक्तिपीठ रतनपुर मां महामाया के दरबार पहुंचे, जहां उन्होंने देवी की पूजा अर्चना कर जीत का आशीर्वाद मांगा, वही क्षेत्र की सुख समृद्धि की भी कामना की। रतनपुर पहुंचने पर रतनपुर के भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यहां पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा प्रत्याशी अरुण साव् ने कहा कि वे दरी कुर्सी बिछाने वाले और झंडा उठाने वाले जमीनी कार्यकर्ता रहे हैं ।एक साधारण और मामूली जमीनी कार्यकर्ता पर भरोसा कर पार्टी ने बताया है कि भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जहां साधारण से साधारण कार्यकर्ता को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है। यहां, पद ,परिवार के भरोसे नहीं मिलता।
इसलिए उन्होंने पार्टी का धन्यवाद करते हुए पार्टी को विश्वास दिलाया कि पिछले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को जितने वोट मिले थे उससे अधिक वोट का रिकॉर्ड बनाकर वे भरोसे को कायम रखेंगे। उन्होंने कहा पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और आम आदमी के लिए किए गए कार्यों से परिचित है। विदेशों में भी प्रधानमंत्री की विदेश नीति और कूटनीति की दुनिया कायल हो रही है जनता पहले ही तय कर चुकी है लक्ष्य हमारा मोदी दोबारा। इसलिए अरुण साव् को पूरा भरोसा है कि इस बार भी जीत उन्हीं की होगी। उन्होंने कहा की पार्टी की तैयारियां हो चुकी है । मंडल स्तर पर बैठक कर ली गई है, छोटे से छोटा कार्यकर्ता भी मैदान में जुट चुका है। सभी को साथ लेकर चलने की रणनीति के तहत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता एक-एक वोटर तक पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री के विकास के नाम पर जनता से समर्थन मांगा जाएगा। जब से अरुण साव् को प्रत्याशी घोषित किया गया है उनकी दिनचर्या ही बदल गई है अचानक से वे कार्यकर्ताओं से घिर गए हैं और पूरा दिन लोगों से मिलने में गुजर रहा है। अब तक नेपथ्य में रहे अरुण साव के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है।