
कई दलाल यह काम बड़ी होशियारी के साथ कर रहे हैं, इसके लिए बाकायदा सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जाता है

मुंगेली आकाश दत्त मिश्रा
बिलासपुर स्मार्ट सिटी बने ना बने लेकिन इसके साथ महानगरीय बुराई चुपके से कब शामिल हो गई यह शहर के अमनपसंद सीधे साढ़े लोगों को पता भी नहीं चला ।शहर के विस्तार के साथ यहां जिस्मफरोशी का बदनाम धंधा भी शुरू हो चुका है ।एक तरफ जहां शहर में बाहर से आकर हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाली कई युवतियां इस बदनाम पेशे का हिस्सा बन रही है वहीं कुछ दलाल बाहर की लड़कियों को लाकर यहां शहर के रईस बिगडेलो को उपलब्ध करा रहे हैं ।कई होटलों की भी इसमें मिलीभगत है जो इनसे मोटी कमाई करते हैं ।पुलिस को भी शायद ऐसे लोगों से नियमित आमदनी हो रही है तभी तो पुलिस इन पर कारवाई करने की जगह इन्हें बचाने की कोशिश करती है ।सोमवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया। पुलिस को जानकारी मिली कि व्यापार विहार स्थित आनंदा इंपीरियल मैं बाहर से लाकर दो युवतियों को ठहराया गया है और उन का दलाल भी साथ में मौजूद है। पुलिस ने मौके पर दबिश दी उनके हाथ दार्जिलिंग वेस्ट बंगाल और सूरत गुजरात की दो युवतियां संदिग्ध हालत में लगी ।उन लड़कियों से मिली जानकारी में बताया गया कि उनके साथ मौजूद युवक रायपुर निवासी महेश खड़का ओला टैक्सी में बैठ कर गया हुआ है ।कहते हैं पुलिस ने मूलतः नेपाल निवासी महेश को पुराने बस स्टैंड के पास एक एटीएम में पैसे निकालने के दौरान धर दबोचा। उस वक्त उसके साथ ओला चालक प्रताप सिंह राणा भी था जिसे भी हिरासत में ले लिया गया ।दरअसल यही ओला चालक ईन युवतियों को ग्राहकों तक लाने ले जाने का काम करता था और इसके लिए उसे तय किराए से अधिक की रकम दी जाती थी ।इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को युवतियों के पास से 5000 रुपये नगद 4 मोबाइल फोन और आईडी हासिल हुआ। चारों आरोपियों पर पुलिस ने धारा 4,5 अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 के तहत मामला दर्ज करते हुए उन्हें न्यायालय पेश कर जेल दाखिल करा दिया।
यह तो हुआ कहानी का वह हिस्सा जो पुलिस ने बताया
लेकिन छनकर यह खबरें भी आ रही है इससब की जानकारी पुलिस को पहले से ही थी। पुलिस जिसे सोमवार की घटना बता रही है असल में वो कारवाही उसने रविवार को ही कर ली थी लेकिन मिलीभगत कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश पुलिस द्वारा की जा रही थी मगर घटना के उजागर होने के बाद आला अधिकारियों ने दबाव बनाया जिसके चलते पुलिस को ना चाहते हुए भी मामले को उजागर करना पड़ा ।मामले का एक और पहलू यह भी है कि जिस आनंदा इंपीरियल होटल में यह सब कुछ गोरखधंधा चल रहा था उसे भी पुलिस बचाने की कोशिश कर रही थी। यहां तक कि मीडिया से होटल का नाम भी छुपाया जा रहा था ऐसा पुलिस किस मकसद से कर रही थी यह बताने की जरूरत शायद नहीं होगी। बताया तो यह भी जा रहा है कि दोनों युवतियों और दोनों युवकों को पुलिस ने रविवार के दिन ही होटल से गिरफ्तार किया था लेकिन पुलिस मीडिया के सामने कुछ और कहानी बयां कर रही है ।।जानकार बताते हैं कि आनंदा होटल में लंबे वक्त से जिस्मफरोशी का व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है इसलिए किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच की जरूरत है जिसमें घटनास्थल की तमाम सीसीटीवी फुटेज को भी खंगालना होगा तभी पुलिस की ईमानदारी और निष्पक्षता पर स्थिति साफ होगी। वैसे शहर के चंद बिगड़ैल शौकीनों को अन्य प्रदेशों से लड़कियां मंगाकर लंबे समय से परोसा जा रहा है ।भले ही 2 लड़कियां पुलिस के हाथ लगी हो लेकिन ना जाने ऐसी कितनी लड़कियां है जो दो-चार दिन के लिए शहर आकर कुछ लोगों की जरूरत पूरा कर वापस अपनी दुनिया में लौट जाती है। कई दलाल यह काम बड़ी होशियारी के साथ कर रहे हैं, इसके लिए बाकायदा सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जाता है व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को तस्वीर भेज कर लड़कियों का सौदा पटाया जाता है और फिर मनचाही जगह पर दलाल टैक्सी की मदद से लड़कियों को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं ।यह सब कुछ पुलिस की मर्जी के बगैर चलता होगा यह सोचना भी हास्यास्पद है। इसलिए एसपी स्तर के अधिकारियों को चाहिए कि इस मामले में खास दखल देकर इस गोरखधंधे पर अंकुश लगाए।