
डेस्क

विवादित नेता और पार्टी विरोधी कार्य में लगातार संलिप्त रहने वाले कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास के खिलाफ आखिरकार अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज गिर ही गई । निगम सीमा वृद्धि का विरोध करने और कथित तौर पर मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के पर्चे बंटवाने के आरोप में उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया है । हमेशा से ही विवादों से नाता रखने वाले बेलतरा क्षेत्र के कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लगातार संलिप्त रहने और घोर अनुशासनहीनता दर्शाने के लिए मिल रही लगातार शिकायतों के बाद आखिरकार जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने आदेश जारी कर त्रिलोक श्रीवास को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। त्रिलोक श्रीवास के खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज हो चुके हैं और कई बार उन्हें सजा भी हो चुकी है।

वही अक्सर लोगों से उनका विवाद भी सुर्खियां बटोरता रहा है ।अति महत्वाकांक्षी होने की वजह से त्रिलोक पार्टी लाइन से बाहर जाकर अपने ही दल के खिलाफ बयानबाजी और अन्य क्रियाकलाप कर चुके हैं। त्रिलोक श्रीवास पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने का भी इरादा जाहिर कर चुके हैं ।

इन्हीं गतिविधियों की वजह से ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा त्रिलोक श्रीवास के खिलाफ शिकायत और निष्कासन का प्रस्ताव पेश किया गया था। जिस पर अंततः कार्रवाई कर दी गई और त्रिलोक श्रीवास को पार्टी से की प्राथमिक सदस्यता से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
