
इस तरह वर्तमान में मस्तूरी में दो एसडीएम मौजूद है जाहिर है ऐसी स्थिति में प्रशासनिक असमंजस की स्थिति बनेगी
ठा. उदय सिंह मल्हार

मस्तूरी में प्रशासनिक असमंजस की स्थिति बन गई है ।प्रशासनिक आदेश में मस्तूरी एसडीएम डी आर डाहीरे का कोरिया तबादला हो गया था और उनके स्थान पर मस्तूरी के पूर्व तहसीलदार वीरेंद्र लकड़ा ने मस्तूरी एसडीएम का कार्यभार भी संभाल लिया था ।इसी बीच पूर्व एसडीएम ने अधिवक्ता योगेश चंद्र के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी इसमें कलेक्टर के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसके तहत उनका तबादला किया गया था ।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि कलेक्टर के आदेश पर 7 फरवरी 2018 को डीआर डाहीरे ने मस्तूरी एसडीएम का चार्ज लिया था और निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें निर्वाचन कार्य सौंपा गया है। चुनाव आयोग ने 9 जनवरी 2019 को एक आदेश जारी कर निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों का निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना तबादला नहीं करने का आदेश दिया है लेकिन शासन ने निर्वाचन आयोग की अनुमति लिए बिना ही उनका तबादला कर दिया है। इस मामले में जस्टिस पी.सेम कोशी के कोर्ट में सुनवाई हुई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को शासन के समक्ष अभ्यावेदन देने और शासन को अभ्यावेदन पर 8 दिन के अंदर निर्णय देने का आदेश दिया है ।कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देते हुए फिलहाल तबादला आदेश पर रोक लगा दी है । इस तरह वर्तमान में मस्तूरी में दो एसडीएम मौजूद है जाहिर है ऐसी स्थिति में प्रशासनिक असमंजस की स्थिति बनेगी और कामकाज में रुकावट पैदा होगी । 8 दिन के भीतर इस पर शासन को अपना जवाब देना है इसके बाद ही इस गतिरोध पर विराम लग पाएगा।