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मस्तूरी- छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की चिल्हाटी शाखा से किसी और किसान के नाम पर लोन निकाले जाने का मामला प्रकाश में आया है, जिसमे प्रार्थी किसान की के कागजात का फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया गया है। मामले में पीड़ित किसान ने चिल्हाटी शाखा प्रबंधक एम एल पोर्ते पर मिली भगत कर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित किसान को अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी तब लगी जब वह ऋण से खाद और बीज लेने सोसाइटी पहुँचा, जहाँ उसे पता चला कि उसकी जमीन के नाम पर लोन निकाला गया है, जिस वजह से उसे और ऋण नही दिया जाएगा।

मामले की जानकारी लगते ही गोंडाहीह निवासी प्रार्थी किसान चेतनराम रात्रे ने बैंक प्रबंधक के खिलाफ पचपेड़ी थाने में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने शिकायत की गई है, बावजूद इसके अब तक मामले में एफआईआर दर्ज नही की गई है। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला है कि लोन वर्ष 2015 में निकाला गया है, लेकिन अब तक उसकी वसूली के लिए किसान को नोटिस जारी नही किया गया, जिससे साफ है कि चिल्हाटी शाखा प्रबंधक की भूमिका इसमें संदिग्ध है। जिसके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई भी नही हुई है, इस घटना से पीड़ित किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है, जो लगातार इस धोखाधड़ी की शिकायत कर रहा है।