
रमेश राजपूत
बिलासपुर – थाना सिविल लाइन क्षेत्र के चर्चित धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हीरानंद भागवानी ने 29 सितम्बर 2025 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। प्रकरण अपराध क्रमांक 1041/2025 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत दर्ज है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी पत्नी नायरा भागवानी और सहयोगी मुरली लहेजा के साथ मिलकर 40 दिन में रकम डबल करने का झांसा देकर 100 से अधिक लोगों से लगभग 2 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इससे पूर्व पुलिस ने नायरा भागवानी और मुरली लहेजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी हीरानंद की तलाश में पुलिस लंबे समय से जुटी थी। आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय से रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ में हीरानंद ने धोखाधड़ी की योजना स्वीकार करते हुए कई अहम जानकारियां दीं। पुलिस ने आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए दस्तावेज भी जप्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि ठगी से हासिल धनराशि से हीरानंद ने जमीन की खरीदी की थी। अब पुलिस ने उस संपत्ति की नीलामी की कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों की राशि की वसूली और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले से शहर में खलबली मच गई है। पुलिस का मानना है कि ठगी के और भी शिकार सामने आ सकते हैं। वहीं पीड़ित निवेशकों को उम्मीद है कि अदालत से उन्हें न्याय और उनकी मेहनत की कमाई की वापसी मिल सकेगी।