मस्तूरी

मतदान के लिए बचे सिर्फ 6 दिन और 4 प्रत्याशियों को अब तक नही मिला चुनाव चिन्ह….निर्वाचन प्रक्रिया में घोर लापरवाही….आखिर कौन है जिम्मेदार

उदय सिंह

बिलासपुर- त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव प्रकिया में घोर लापरवाही सामने आई है, तीन चरणों मे संपन्न होने वाले मतदान में पहले चरण का मतदान 28 जनवरी को होने वाला है, लेकिन अब तक जिले के एक ग्राम पंचायत में चुनावी मैदान में उतरे 4 पंच उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह का आबंटन नही किया गया है, सुनने में यह थोड़ा अजीब जरूर लग रहा है, लेकिन ऐसा हुआ है, उन चार उम्मीदवारों की स्थिति ऐसी है कि वह चाह कर भी अपना प्रचार नही कर पा रहे है, चुनाव में उतरने के बाद भी उन्हें घर मे बैठना पड़ रहा है। दरअसल मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत इटवा में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ 4 पंच उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह ही नही मिला है। वार्ड क्रमांक 7 और 8 के इन चार पंच उम्मीदवारों ने सचिव से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगाई है, बावजूद इसके अब तक उनकी कोई सुनवाई नही हुई है। आखिर कैसे उनका निर्वाचन संपन्न होगा उन्हें समझ मे नही आ रहा। इसके अलावा लापरवाही की हद तो तब हो गई जब नाम वापस लेने वाली पंच उम्मीदवार राजकुमारी को नाम वापसी के बाद भी चुनाव चिन्ह आबंटित कर दिया गया।

नामांकन प्रक्रिया

गौरतलब है कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत 9 जनवरी को नाम वापसी के बाद ही चुनाव चिन्हों का आबंटन कर दिया जाता है, लेकिन कारणों से इन 4 पंच उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह नही मिला है, कोई बताने वाला नही। मामले में अधिकारी भी बात करने को तैयार नही है ऐसे में निष्पक्ष और निर्विवाद चुनाव कैसे संपन्न कराए जा रहे है सहज ही समझा जा सकता है।

निर्वाचन आयुक्त के निर्देश

राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने बिलासपुर संभाग में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन की तैयारी के लिये संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली, इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिये कोई समझौता नहीं होना चाहिये, बेहतर समन्वय और तालमेल से निर्वाचन सफलतापूर्वक सम्पन्न करायें। बावजूद इसके ऐसी लापरवाही उजागर हुई है, जिसका जिम्मेदार कौन है।

मतदान में बचे केवल 6 दिन

जहाँ एक ओर सभी पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार में जूटे है तो वहीँ इटवा ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 7 के पंच उम्मीदवार मीना बाई कैवर्त और राधिका पटेल, वार्ड क्रमांक 8 से दुर्गा मरावी और दिलकुंवर यादव अपने घरों में बैठने मजबूर है, जो अपने चुनाव प्रचार से छूटते जा रहे है। किसी और कि लापरवाही की सजा इन्हें मिल रही है, ग्रामीण जनता का प्रतिनिधित्व करने की उनकी मंशा पर गैरजिम्मेदार अधिकारी भारी पड़ते नज़र आ रहे है।

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