
गौ तस्करों के लिए मस्तूरी क्षेत्र के ग्रामीण इलाके स्वर्ग बन गए हैं । जिस पर लगातार कार्यवाही से ही नकेल कसा जा सकता है।

उदय सिंह ,मल्हार
देशभर में भले ही गौ हत्या पर प्रतिबंध की मांग उठ रही हो लेकिन कई राज्यों में मौजूद बूचड़खानो में चोरी छुपे गोवंश की सप्लाई करने वाले तस्कर जिले में सक्रिय हैं । रात के अंधेरे में चोरी छुपे सीमा को पार कर महाराष्ट्र और अन्य प्रदेशों के बूचड़खाने में गोवंश को पहुंचा जा रहा है । ऐसे ही प्रयास में दो गौ तस्कर पकड़े गए। मस्तूरी पुलिस को मंगलवार बुधवार की दरमियानी रात ग्राम किरारी के ग्रामीणों ने सूचना दी कि कुछ लोग मवेशियों को ट्रक में भरकर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं । सूचना से पुलिस के कान खड़े हो गए और आनन-फानन में थाना प्रभारी बी के कुर्रे के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई।

टीम जब सर्चिंग करते हुए ग्राम कुटेला पहुंची तो वहां तालाब के पास खेत में एक ट्रक में मवेशियों को लोड करते देखा गया। पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर ली जिससे तस्कर भागने में कामयाब नहीं हो सके। पुलिस ने रंगे हाथों मुंगेली के प्रमोद लहरें और उसके साथी इंदौर के पिंटू मेहरा को धर दबोचा । दोनों महाराष्ट्र के नंबर वाले ट्रक एम् एच 40 बी जी 7930 में गोवंश को भर रहे थे। ट्रक की तलाशी में पुलिस को 17 मवेशी मिले। पूछताछ में दोनों आरोपी कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाए । पुलिस ने सख्ती से पूछा तो उन्होंने बताया कि वे इन मवेशियों को लेकर नागपुर बूचड़खाने जाने की तैयारी कर रहे थे। रात के अंधेरे में सीमा पार निकल जाने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया । 17 मवेशियों के साथ ट्रक को भी जप्त कर लिया गया और दोनों आरोपियों को मस्तूरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जप्त मवेशियो का बाजार मूल्य ढाई लाख रुपया आंकी गई है। पुलिस अपनी संवेदना का परिचय देते हुए सबसे पहले

मवेशियों को चारा पानी उपलब्ध कराने गतौरा के गौशाला ले गए जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। इस मामले में दोनों आरोपियों प्रमोद लहरे और पिंटू मेहरा को जेल दाखिल कर दिया गया है । वहीं ग्रामीणों की यह शिकायत भी एक बार फिर सच साबित हुई है कि गौ तस्करों के लिए मस्तूरी क्षेत्र के ग्रामीण इलाके स्वर्ग बन गए हैं । जिस पर लगातार कार्यवाही से ही नकेल कसा जा सकता है।
