
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – सिम्स के कोरोना वारियर्स की मांग को लेकर संचालनालय चिकित्सा शिक्षा द्वारा सकारात्मक पहल करते हुए आदेश जारी किया गया है। जिसमे कोरोना ओपीडी सहित हॉस्पिटल में कार्य करने वाले सभी कोरोना वारियर्स की क्वॉरेंटाइन अवधि सहित आरटी पीसीआर जांच को लेकर पूर्व के निर्देशो पर आंशिक संशोधन किया है। संचालनालय द्वारा प्रदेश के समस्त कोविड हॉस्पिटल प्रभारियों सहित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय रायपुर, बिलासपुर,जगदलपुर, राजनांदगांव,अम्बिकापुर को निर्देश जारी किया गया है। जिसमे हॉस्पिटल में हाई रिस्क में कार्यरत् मेडिकल स्टाफ को 14 दिनों तक क्वॉरेंटाइन के साथ आरटी पीसीआर टेस्ट करने कहा गया है।

तो वही लो रिस्क एरिया में काम करने वाले मेडिकल स्टाफ को 7 दिनों तक क्वॉरेंटाइन करने कहा गया है। तो वही उन्हें क्वॉरेंटाइन अवधि में 5 वे दिन आरटी पीसीआर जांच करने आदेशित किया है, वही स्टाफ के क्वॉरेंटाइन अवधि के 7 वे दिन रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मेडिकल स्टॉफ को वापस ड्यूटी पर आने का संशोधित आदेश जारी किया है। साथ ही आदेश में यह भी कहा गया है कि किसी भी मेडिकल स्टॉफ में यदि कोरोना के कोई लक्षण दिखाई देते है तो उनकी आरटी पीसीआर जांच तुरंत भी कराई जा सकती है। आपको बता दे पूर्व में सिम्स के मेडिकल स्टाफ को 14 दिनों तक क्वॉरेंटाइन नही करने के साथ आरटी पीसीआर जांच नही होने के कारण विरोध जताया गया था। जिसको लेकर डीन सहित जिले कलेक्टर से कोरोना जांच की मांग की गई थी। जिसके बाद भी सिम्स प्रबंधन ने नियमो का हवाला देकर अपने हाथ खड़े कर दिए थे। उक्त मामले को मीडिया द्वारा उठाया गया था। जिससे स्वास्थ्य विभाग की खूब आलोचना हुई थी। तब जाकर हैल्थ डिपार्टमेंट ने उक्त मामले को संज्ञान में लेते हुए आदेश जारी किया है। इस नये आदेश का सभी मेडिकल स्टॉफ ने स्वागत किया है। इस नये आदेश से अब विभाग के सभी कर्मचारी खुश नजर आ रहे है।