
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – कोरोना वायरस जहां एक वैश्विक महामारी के रूप में अपने पैर पसार रहा है, तो वहीं कुछ असामाजिक तत्व के लोग अवैधानिक कृत्यों से बाज नहीं आ रहे हैं,इस तरह के एक आदतन अपराधी के साथ सात अन्य जुआरियो को कोतवाली पुलिस ने धरदबोचा है। ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पुलिस लगातार अभियान चला रही है। लेकिन मंगलवार को हुए इस पुलिसिया कार्यवाही में सट्टेबाज,आदतन जुआरी पुलिस के गिरफ्त में आए है। जी हाँ हम बात कर रहे है अजय भक्तानी जो शहर के अलग अलग थाना क्षेत्रों में सट्टे के बाजार को गरम करने में अहम भूमिका निभा रहा है। जिसे आदतन अपराधी की उपाधि भी दी जा चुकी है। यह महाशय अब भी फरारी काट रहा है। इस बीच वह कतियापारा कृष्णा नगर में राहुल आहूजा के मकान में अपने दोस्तों के साथ जुआ खेल रहा था।

जिसकी सूचना सिटी कोतवाली टीआई कलीम खान को लग गई। फिर क्या उन्होंने तत्काल मौके पर दबिश देने के निर्देश दिए। जिसपर कोतवाली पुलिस की टीम ने मकान की घेराबंदी कर रेड मारा। मकान में 08 जुआरी शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी आदेशों की अवहेलना कर मानव जीवन व उसके स्वास्थ्य के प्रति संकट कारित करते हुए रंगे हाथ जुआ खेलते पकड़े गए। इनके कब्जे से कुल नगदी रकम 21300 रुपए एवं 52 पत्ती ताश जब्त किया गया। लॉक डाउन और धारा 144 के उल्लंघन पर धारा 188 भादवि एवं 13 जुआ एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों में आरोपी कतियापारा निवासी आकाश गुप्ता,विनायक गुप्ता,जूना बिलासपुर निवासी राहुल आहूजा,आदर्श मनवानी,नीरज आहूजा,अजय भक्तानी,आकाश पंजवानी सहित संतरवि नगर करबला निवासी दीपक भक्तानी शामिल है।
कही तालाब की गंदी मछली तो नही बन गया अजय भक्तानी??

जिस उम्र में युवा अपने भविष्य को गढ़ने में लगे होते है। उस उम्र से अजय भक्तानी अपनी पैतृक व्यवसाय के बलबूते जुआ, सट्टा जैसे जानलेवा नशा करने लगा था। जिसमे यह अपने साथ साथ क्षेत्र के कई नवयुवकों को भ्रमित कर इस नरक में धकेलने का काम कर रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है। क्योंकि हालहि में हुए तोरवा और कोतवाली में जो जुआरियों को पकड़ा गया था उसमें अजय भक्तानी भी शामिल था। जानकारों का तो यह भी कहना है। कि यह कई बार अपने लत के वजह से हवालात की हवा खा चुका है ऐसे में समाज रूपी तालाब में नव युवकों के लिए यह युवक गंदी मछली के रूप में अस्तित्व में आ गया है।