
जुगनू तंबोली

रतनपुर – अब अंचल के श्रद्धालुओं को 15 जून से विश्व प्रसिद्ध रतनपुर के महामाया मंदिर में माता के दर्शन मिल सकेगा। इसको लेकर मंदिर ट्रस्ट ने अपनी सारी तैयारी पूरी कर ली है। जहाँ केन्द्र सरकार की तरफ से जारी गाइड लाइन के पालन का विशेष ध्यान रखा गया है। मंदिर खोलने को लेकर महामाया मंदिर ट्रस्ट के मैंनेजिंग ट्रस्टी सुनील सोंथलिया ने जानकारी देते हुुए बताया कि रतनपुर के महामाया मंदिर को वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लोगों को संक्रमण से बचाने पिछले करीब 2 माह से शासन ने बंद कर रखा है।

ऐसे में अब बदली हुई परिस्थितियों में दो माह बाद 15 जून सोमवार से इसे नई गाइड लाइन के तहत फिर से खोला जाना सुनिश्चत किया गया है। जिसके मद्देनजर अब मंदिर में दर्शन करने के लिए आने वाले भक्तों को केन्द्र सरकार द्वारा जारी नियमों का कड़ाई से पालन करवाने मंदिर परिसर में बेरिकेट केे साथ मुख्य द्वार से मुख्य मंदिर तक के सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने विशेष व्यवस्था की गई है।

जिसकी निगरानी ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा बीमार लोगों, गर्भवती, 65 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और 10 साल से कम आयु के बच्चों का मंदिर के अंदर प्रवेश वर्जित रहेगा। साथ ही दर्शन करने मंदिर के अंदर जाने वाले सभी दर्शनार्थियों के हाथ को सैनिटाइज कर मास्क लगाकर प्रवेश अनिवार्य होगा। इस दौरान मंदिर के अंदर किसी भी प्रकार की फूल माला प्रसाद अथवा कोई भी सामग्री ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। मंदिर पहुंचने वाले दर्शनार्थियों को पहले की तरह मंदिर के अंदर में पुजारियों से मिलने वाला जल प्रसाद टीका माला मौली आदि नहीं मिलेगा। तो वही किसी भी दर्शनार्थी को मंदिर के अंदर बैठने एवं दंडवत होकर पूजा पाठ करने की अनुमति नही होगी। साथ ही श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर और परिसर में मौजूद मूर्तियों और घंटी को छूना पूरी तरह से वर्जित रहेगा।
नई साज सज्जा के साथ तैयार है माता का दरबार..

लॉक डाउन के दौरान मंदिर प्रबंधन द्वारा कई निर्माण कार्य सम्पन्न कराए गए है, जिससे व्यवस्था के साथ ही माता के दरबार की भव्यता और बढ़ गई है, चारों तरफ मार्बल लगाने के साथ ही प्रवेश और दर्शन स्थल को सुगम बनाया गया है।