बिलासपुर

बिलासपुर में डीजीपी की बड़ी बैठक: अपराध नियंत्रण, गश्त और विवेचना की गुणवत्ता पर जोर,

रमेश राजपूत

बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने शनिवार को बिलासपुर जिले के पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। यह बैठक पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के सभागार में आयोजित हुई, जिसमें जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, पुलिस एवं अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने डीजीपी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक में डीजीपी ने अधिकारियों से सामान्य परिचय लेने के बाद सबसे पहले राजकिशोर नगर में सर्राफा व्यवसायी से हुई लूट की घटना की समीक्षा की। उन्होंने घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को माल मशरूका सहित गिरफ्तार करने तथा अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित करने पर पुलिस टीम की सराहना की। साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गश्त-पेट्रोलिंग, संदिग्धों की नियमित चेकिंग, होटल-लॉज निरीक्षण तथा आसूचना तंत्र को और मजबूत किया जाए। डीजीपी ने सराफा दुकानों, बैंक और अन्य संवेदनशील स्थलों की नियमित सुरक्षा जांच, सीसीटीवी सिस्टम की कार्यशीलता की समीक्षा तथा सुरक्षा उपायों के पालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजपत्रित अधिकारी थानों का नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें और फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना जाए।

थाना प्रभारियों द्वारा स्वयं रिपोर्ट सुनने और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में नाकाबंदी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, संदिग्ध मर्ग प्रकरणों की जांच सूक्ष्मता एवं गंभीरता से करने तथा विवेचना की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया गया। संयुक्त संचालक अभियोजन को ICJS प्रणाली के अंतर्गत ई-चालान और ई-साक्ष्य की प्रक्रिया को न्यायालय और थानों के बेहतर समन्वय से शीघ्र लागू कराने की दिशा में आवश्यक व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान नगर सेना और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के साथ फायर सेफ्टी और फायर ऑडिट को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। डीजीपी ने सिरगिट्टी और मोपका क्षेत्र में हुए हालिया अग्निकांडों के संबंध में विस्तृत पर्यवेक्षण रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के साथ साझा करने को कहा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें। बैठक में डीजीपी ने विभिन्न घटनाओं और अनुभवों का उल्लेख करते हुए पुलिसिंग की बारीकियों तथा कार्यप्रणाली के व्यावहारिक पहलुओं पर भी अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। अंत में उन्होंने आईजी रामगोपाल गर्ग को निर्देशित किया कि रेंज के सभी जिलों में पुलिस कार्यप्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और बैठक में दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाए। बैठक में जिले के एएसपी, डीएसपी, फायर एवं नगर सेना के अधिकारी सहित सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।

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