
रमेश राजपूत
बिलासपुर – जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। फर्जीवाड़े के मामले में मां की गिरफ्तारी से सदमे में आए एक युवक ने घर जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से उतारा और पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम चना डोंगरी निवासी कमलेश श्रीवास 20 वर्ष पिता स्वर्गीय पुरुषोत्तम श्रीवास शुक्रवार को अपनी मां उर्वशी श्रीवास के साथ तखतपुर थाने गया था। बताया जा रहा है कि आपदा राहत योजना के तहत मिली राशि में फर्जीवाड़े से जुड़े एक मामले में बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस ने उन्हें बुलाया था। थाने में विवेचना के दौरान पुलिस ने उर्वशी श्रीवास को गिरफ्तार करने की जानकारी दी, जिससे कमलेश गहरे सदमे में आ गया। बताया जाता है कि कमलेश अपनी मां से मैं अभी वापस आता हूं कहकर घर लौट गया। घर पहुंचकर उसने छज्जे में लगे पाइप से गमछे के सहारे फांसी लगा ली। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने डायल-112 को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला आपदा राहत योजना में फर्जी तरीके से राशि निकालने से जुड़ा है।

कमलेश के पिता पुरुषोत्तम श्रीवास की मृत्यु लकवे से हुई थी, लेकिन कथित तौर पर एक गिरोह ने सर्पदंश से मौत दर्शाकर आपदा राहत के तहत चार लाख रुपये दिलाने का झांसा दिया। गिरोह के लोगों की बातों में आकर उर्वशी के बेटे कमलेश ने दस्तावेज में हस्ताक्षर कराकर उन्हें दे दिया, इस प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज तैयार कर राशि निकाल ली गई, जिसमें उर्वशी को केवल लगभग 50 हजार रुपये मिले, जबकि बाकी रकम गिरोह के लोगों में बंट गई। जांच के दौरान मर्ग इंटीमेशन, तहसीलदार के हस्ताक्षर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट फर्जी पाए गए। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार ने तखतपुर थाने में मामला दर्ज कराया। इसी मामले में पुलिस ने उर्वशी श्रीवास को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद बेटे ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और पूरे फर्जीवाड़ा गिरोह की भूमिका की भी जांच की जा रही है।