बिलासपुर

आर बी हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग का नोटिस, उपचार की व्यवस्था न करने की स्थिति लायसेंस किया जाएगा निरस्त…कोरोना महामारी को लेकर प्रशासन हुआ सख्त

भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – वैश्विक महामारी कोरोना के मरीजों को भर्ती करने को लेकर जिले के निजी अस्पताल और नर्सिंग होम रूचि नहीं दिखा रहे हैं। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग अब कार्यवाही के मूड में है। बिलासपुर सीएमएचओ डॉ प्रमोद महाजन के निर्देश पर वैश्विक महामारी के इस विपरीत परिस्थितियों में सहयोग नही करने वाले मुनाफाखोरी करने वाले हॉस्पिटलों की कुंडली तैयार की जा रही है। जिसमे मनमर्जी करने वाले हॉस्पिटल प्रबंधन पर सीधे मान्यता खत्म करने की गाज गिरेगी। जिसकी शुरुआत कर दी गई है। जहाँ लिंक रोड स्वर्ण जयंती नगर स्थित 100 बिस्तरों वाले आर बी अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने लाईसेन्स निरस्तीकरण का नोटिस भेजा है। या यूं कहें जिले के सभी निजी हॉस्पिटल प्रबंधन को आगाह किया है। कि वह समय रहते स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कोविड मरीजो के इलाज के लिए करे नही तो उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। गौरतलब है कि पूर्व में जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमित मरीजो के उचित प्रबंधन के लिए एक सितंबर को जिला प्रशासन के नेतृत्व में जिले के सभी निजी हॉस्पिटल प्रबंधकों की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमे निजी अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों की भर्ती और उपचार करने के निर्देश दिए गए थे। जिस आदेश को निजी हॉस्पिटलों ने धता साबित करते हुए कोई उचित जवाब नही दिया था। लिहाजा अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मसले को लेकर एक्शन मोड में आ गई है। उन्होंने आरबी हॉस्पिटल प्रबंधन को नोटिस जारी कर 30 दिनों के अंदर उनकी मान्यता खत्म करने की अनुशंसा की है। अगर इस समय अवधि के अंदर आरबी हॉस्पिटल में कोविड मरीजो के इलाज की सुविधा उपलब्ध नही हो सकी तो निश्चित रूप से हॉस्पिटल की मान्यता खत्म कर दी जाएगी।

तो मिल जाए राहत, सरकारी कोविड हॉस्पिटल और सेंटर हो चुके हैं,फुल..

जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों के चलते सरकारी स्तर पर बने कोविड हॉस्पिटल और सेंटर फुल हो चुका है। वहां मरीजों को रखने के लिए संसाधन कम पड़ने लगे हैं। संभागीय कोविड हॉस्पिटल, रेल्वे हॉस्पिटल सहित चित्रकूट कोविड सेंटर में कोरोना मरीजो की भरमार है। इसके विपरीत जिले में रोजाना सैकड़ो संक्रमित मरीज मिल रहे है। जिसे स्वास्थ्य विभाग के पास संसाधन सहित मेडिकल स्टाफ की कमी सिरदर्दी साबित हो रही है। मौजूदा हालात में कई बार घंटो इंतजार के बाद मरीज को बैड मिल पाता है। ऐसे मे अधिकृत निजी अस्पताल भी कोरोना मरीजों का उपचार होने लगेगा तो अंचल के कोविड मरीजों के लिए राहत होगी।

error: Content is protected !!
Letest
VIDEO: सेंदरी की 4 एकड़ जमीन पर विवाद: 21 लाख की अग्रिम राशि के बाद भी अन्य को बिक्री की कोशिश का आर... बिलासपुर: फरार दीपक डहरिया उर्फ फोसो की तलाश तेज, पुलिस ने घोषित किया 5 हजार रुपये का इनाम नूतन चौक में तेज रफ्तार स्कूटी की टक्कर से बुजुर्ग की मौत..वाहन चालक मौके से हुए फरार, VIDEO :- गरबा की आड़ में सिगरेट-पिस्टल का प्रदर्शन पड़ा भारी, वायरल वीडियो पर बिलासपुर पुलिस का एक्श... VIDEO: सेलर में सीमांकन की आड़ में घरों की पैमाइश?… राजस्व टीम की कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश, ... शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाया...दुष्कर्म का आरोपी रायपुर से गिरफ्तार, भेजा गया जेल, 1700 करोड़ रुपए बकाया से लेकर धान की अतिरिक्त तौल तक… किसानों का फूटा आक्रोश, 33 जिलों में निकली ‘बल... बिलासपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 18 तहसीलदार-नायब तहसीलदारों के तबादले, कई अधिकारियों को नई जिम्म... बारिश से बचने पेड़ की ली पनाह, गाज ने ले ली जान खेत की मेढ़ बांधने गए 45 वर्षीय किसान की आकाशीय बिजल... जेडी की जांच में खुली स्कूलों की पोल: 17 व्याख्याताओं में सिर्फ 4 ने पढ़ाया, प्राचार्य समेत कई मिले ...