
शीर्ष नेतृत्व के दोबारा कार्यकर्ताओं को महत्व दिया जाने से उम्मीद की जा सकती है कि पार्टी की खोई साख फिर से लौटेगी और एक बार फिर केंद्र में भाजपा की वापसी मुमकिन होगी

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद समीक्षा के दौरान पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने हार का ठीकरा जिस तरह कार्यकर्ताओं पर फोड़ा उसने कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का काम किया। पार्टी के नेतृत्व को भी जल्द ही यह बात समझ में आ गई कि अगर विधानसभा चुनाव में मिली हार को भुलाकर लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करनी है तो कार्यकर्ताओं पर ही फोकस करना होगा ।इसी मकसद के साथ बुधवार को बिलासपुर में आयोजित क्लस्टर स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह को बहुत अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ी, क्योंकि एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो मास्टर स्ट्रोक खेला था उससे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता ही क्या पूरा देश पूरे देश का उत्साह आसमान पर है। ऐसा पहली बार हुआ कि सम्मेलन में कार्यकर्ता को देव तुल्य बताया गया। कार्यकर्ताओं के योगदान की तुलना कभी राम सेतु में निर्माण में लगी गिलहरी से की गई तो कभी उन्हें हनुमान बताया गया। उन्हें इस बात का भी एहसास कराया गया कि उन्हीं की वजह से भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है और उन्हीं की मेहनत से ही डॉ रमन सिंह की सरकार ने 15 साल में छत्तीसगढ़ की तकदीर बदली है । पूरे आयोजन के दौरान भारत माता की जय और मोदी मोदी के गूंज सुनाई पड़ते रहे ।इससे समझा जा सकता है की कार्यकर्ताओं का खोया उत्साह एक बार फिर लौटने लगा है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह के संबोधन से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पूरी तरह रिचार्ज नजर आए और उन्होंने दावा किया कि एक बार फिर सत्ता की चाबी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही सौंपनी है।

15 साल तक सत्ता में रहने के बाद विपक्ष में रहने की आदत नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को नहीं है ,इसीलिए उनमें कहीं अधिक हताशा नजर आने लगी थी ,वहीं पार्टी के प्रदेश स्तरीय नेतृत्व ने भी जिस तरह उनका मनोबल गिराया था उससे भी हताशा बढ़ी थी, लेकिन शीर्ष नेतृत्व के दोबारा कार्यकर्ताओं को महत्व दिया जाने से उम्मीद की जा सकती है कि पार्टी की खोई साख फिर से लौटेगी और एक बार फिर केंद्र में भाजपा की वापसी मुमकिन होगी ।