
रमेश राजपूत
बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट जैसे संगठित साइबर अपराध के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के भंडारा जिले से पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के बैंक खाते में साइबर ठगी की 54 लाख 40 हजार रुपये की रकम आने के बाद उनकी संलिप्तता उजागर हुई। पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बिलासपुर ले आई है। गिरफ्तार आरोपियों में गांधी वार्ड, वरठी थाना जिला भंडारा निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद नेमतउल्लाह मंसूरी और उसका पिता 47 वर्षीय अब्दुल कयूम अंसारी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार दोनों साइबर अपराधियों के लिए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराते थे और इसके बदले कमीशन लेते थे। मामले में एक वरिष्ठ नागरिक महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डराया गया। ठगों ने महिला से कहा कि उनका नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़ा है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होने वाली है। लगातार मानसिक दबाव बनाकर महिला को तथाकथित डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और गिरफ्तारी का भय दिखाकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये जमा करा लिए गए। पीड़िता की शिकायत पर रेंज साइबर थाना बिलासपुर में धारा 318(4), 308(6), 3(5) बीएनएस तथा 66C और 66D आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के दौरान पुलिस को आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते में 54.40 लाख रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी मिली।पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह और सीएसपी गगन कुमार के निर्देशन में निरीक्षक कामिल हक के नेतृत्व में टीम महाराष्ट्र भेजी गई। पूछताछ में नेमतउल्लाह ने स्वीकार किया कि वह 2 प्रतिशत कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी नेपाल के काठमांडू जाकर भी खातों का संचालन करता था। वहीं उसका पिता मुख्य आरोपियों से मोबाइल पर लगातार संपर्क में रहकर कमीशन लेता था। पुलिस अब पूरे साइबर नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।