छत्तीसगढ़मस्तूरी

लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों पर गिरी गाज ,मस्तूरी के बीएमओ और रतनपुर के चिकित्सा अधिकारी हटाए गए

इस कार्यवाही के दूरगामी असर पड़ने की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से हम सभी परिचित हैं

ठा. उदय सिंह मल्हार

नई सरकार के गठन के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अपने इरादे जाहिर करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की कोताही ना बर्दाश्त करने के संकेत दे दिए थे ,जिस से प्रेरित होकर कलेक्टर डॉ संजय अलंग ने सीएमएचओ डॉक्टर बी बी बोर्डे को एक जिम्मेदारी सौंपते हुए लापरवाही बरतने वाले सभी डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे ,चूँकि कलेक्टर को यह सूचना मिली थी कि जिले के अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में भारी लापरवाही बरती जा रही है और चिकित्सक अपनी मनमानी पर उतर चुके हैं, इसके बाद सभी विकास खंडों के स्वास्थ्य केंद्रों में एसडीएम को भेजकर औचक निरीक्षण कराया गया। इसमें कई अनियमितता उभर कर सामने आई। कई चिकित्सक मौके पर अनुपस्थित पाए गए, जिनके वेतन काटने का निर्देश कलेक्टर ने जारी किया है ,तो वही सीएमएचओ डॉक्टर बोर्डे को लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर त्वरित और सख्त कार्यवाही की जिम्मेदारी सौंपी थी। डॉक्टर बोर्डे को लंबे वक्त से मस्तूरी के बीएमओ के खिलाफ ढेर सारी शिकायते मिल रही थी । बीएमओ मस्तूरी में न रहकर अप डाउन किया करते थे साथ ही वे अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह भी थे। इसी तरह जांच के दौरान यह भी पता चला कि रतनपुर

स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर लापरवाही बरत रहे हैं। हाल ही में एक शव के पोस्टमार्टम के लिए भी देरी करने का उन्हें जिम्मेदार पाया गया था। रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर डॉक्टर संजय अलंग ने सख्त कार्यवाही करते हुए मस्तूरी के बीएमओ और रतनपुर के चिकित्सा अधिकारी को फौरन प्रभाव से हटा दिया। मस्तूरी विकासखंड के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रदीप घोष पर कार्यवाही की गाज गिरी है। उनके स्थान पर डॉक्टर नंद राज कंवर नए चिकित्सा अधिकारी बनाए गए हैं। जिन्हें प्रभार सौंप दिया गया है। इसी तरह एक और कार्यवाही में रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल श्रीवास्तव को भी हटाते हुए उनके स्थान पर डॉ विजय चंदेल को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बनाया गया है। इस कार्यवाही के दूरगामी असर पड़ने की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से हम सभी परिचित हैं । वहां नियुक्त चिकित्सक केवल खानापूर्ति कर रहे हैं चिकित्सक अस्पताल झांकने तक नहीं जाते और सिर्फ व्हां से रेफर का खेल खेला जा रहा है इसलिए इस प्रभावी कार्यवाही के बाद इससे अन्य चिकित्सक सबक लेंगे ,यह उम्मीद की जानी चाहिए।

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