
रविवार के दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने 7 विद्यार्थियों को डिग्री दी तो वही 18 विद्यार्थियों को 29 स्वर्ण पदक प्रदान किए

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
रविवार को कोनी स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल शामिल हुई। समारोह की शुरुआत कुलगीत और शोभायात्रा से हुई ।यहां साल 2016 ,17 और 18 के पासआउट विद्यार्थियों को उपाधि और मेडल प्रदान किए गए । रविवार के दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने 7 विद्यार्थियों को डिग्री दी तो वही 18 विद्यार्थियों को 29 स्वर्ण पदक प्रदान किए। इस मौके पर उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि जब बात दूरवर्ती विश्वविद्यालय की आती है तो फिर सभी छात्र-छात्राओं को दूरसंचार के तमाम आधुनिक माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा के रोजगार उन्मुख होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा मिले कि वे स्वयं का रोजगार स्थापित करें और जहां अपने माता पिता को गौरवान्वित होने का अवसर दें, वही अपने जैसे दूसरे बेरोजगारों को भी रोजगार उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि आज लाखों विद्यार्थी विभिन्न व्यावसायिक डिग्रियां प्राप्त कर रहे हैं। जिन्हें आसानी से बैंकों से मुद्रा लोन योजना के तहत कर्ज मिल सकता है। इसलिए केंद्र और राज्य सरकार की ऐसी योजनाओं का लाभ लेकर विद्यार्थियों को स्वावलंबी बनने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने प्रयागराज में जारी कुंभ का उदाहरण देते भी हुए भी कहा कि कुंभ के मेले में बेहतर प्रबंधन की वजह से किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई। व्यवसाय और जीवन में भी इसी तरह के प्रबंधन से सफलता संभव है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत समारोह के स्वरुप में भी बदलाव की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इस दौरान वर्षभर विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रमों की एक प्रदर्शनी लगाई जानी चाहिए ताकि दीक्षांत समारोह के दौरान अन्य विद्यार्थी और अभिभावक उसका अवलोकन कर सके।

उन्होंने पर्यावरण पर भी जोर देते हुए कहा कि सभी विद्यार्थियों को चाहिए कि वे विश्व विद्यालय छोड़ने से पहले अपनी स्मृति यहां छोड़कर जाए और इसके लिए परिसर में पेड़ लगाने से बेहतर विकल्प दूसरा नहीं हो सकता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह मध्य प्रदेश में सभी विश्वविद्यालय पांच-पांच गांव गोद ले रहे हैं उसी तरह यहां भी पिछड़े समाज के लिए शिक्षित वर्ग को खासकर विद्यार्थियों को आगे आना होगा। इस विषय में अपने अनुभव का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेज को निर्देश दिया गया है कि वे सभी बालिकाओं का मेडिकल टेस्ट जरूर करें और खून की कमी पाए जाने पर उनका उपचार किया जाए। समारोह में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति प्रोफ़ेसर गिरीश्वर मिश्र भी शामिल हुए जिन्होंने पंडित सुंदरलाल शर्मा को छत्तीसगढ़ का गांधी बताते हुए कहा कि आज उनके सपनों को यहां साकार किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत में पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गोपाल ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात दीक्षांत समारोह के तहत विद्यार्थियों को मेडल और उपाधि प्रदान किए गए। इससे पहले बिलासपुर पहुंचने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का स्वागत करने हेलीपैड पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे।
