
रमेश राजपूत
जांजगीर-चांपा – जिले के बहुचर्चित करही गोलीकांड की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। करीब एक माह तक चली लंबी जांच और ऑपरेशन हंट के तहत की गई कार्रवाई में पुलिस ने अंधे कत्ल के इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि उधारी के पैसों का विवाद, कारोबारी प्रतिस्पर्धा और मृतक आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति से उपजी जलन इस हत्या की मुख्य वजह बनी। घटना थाना बिर्रा क्षेत्र के ग्राम करही की है, जहां 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात तीन नकाबपोश बदमाश घर में घुस गए थे।

बदमाशों ने आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी थी, जबकि बीच-बचाव करने पहुंचे उसके छोटे भाई को भी गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग स्वयं गांव पहुंचे और विशेष टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। ग्राम करही में विशेष पुलिस कैम्प स्थापित किया गया और साइबर सेल सहित कई टीमें जांच में लगाई गईं। जांच के दौरान पुलिस ने 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और कई संदिग्धों से पूछताछ की। पुलिस टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर तक दबिश दी। इसी बीच पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में शुरू किए गए ऑपरेशन हंट ने जांच को निर्णायक मोड़ दिया।

पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी भूषण बघेल के पास पहले अवैध हथियार देखा गया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक आयुष कश्यप और आरोपियों के बीच पुराने आर्थिक विवाद चल रहे थे। आरोपियों को आयुष की बढ़ती आर्थिक स्थिति और क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव से जलन थी। कारोबार में प्रतिस्पर्धा के कारण वे खुद को नुकसान में महसूस कर रहे थे और इसी द्वेष में हत्या की साजिश रची गई। पुलिस ने मामले में हेमंत कुमार बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त खाली मैगजीन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात की रात वे पहले से मृतक के घर के आसपास मौजूद थे।

उनके सहयोगियों ने पहले CCTV कैमरा तोड़ा, फिर घर में घुसकर मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। फिलहाल पुलिस मुख्य साजिशकर्ता और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है। इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे पर पुलिस महानिरीक्षक ने पूरी टीम को शाबाशी देते हुए पुरस्कार देने की घोषणा की है।