
जुगनू तंबोली

रतनपुर – प्रदेश के साथ ही जिले में धान खरीदी की शुरुआत बुधवार 1 दिसंबर से हो गई। इसीक्रम में रतनपुर में छाया विधायक विभोर सिंह ने आज विकासखण्ड कोटा अंतर्गत पंजीयन क्रमांक 256 रतनपुर में धान खरीदी केंद्र में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुभारंभ किया। धान खरीदी केंद्र में करीब 1038 किसानों ने 1079 रकबा अपना पंजीयन कराया है। रतनपुर धान खरीदी केंद्र में करीब 39400 क्विंटल धान ख़रीदी का लक्ष्य रखा गया है। रतनपुर धान खरीदी के शुभारंभ अवसर पर आनंद जायसवाल, सुभाष अग्रवाल, रामगोपाल कहरा, अमर सिंह, मदन कहरा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। गौरतलब है कि खरीफ विपणन वर्ष 2021-2022 समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जिले में व्यापक तैयारी की गई है।जिले मे 1 लाख 17 हजार 209 किसानों ने धान विक्रय के लिए अपना पंजीयन कराया है।

जिनके 1 लाख 30 हजार 498 हेक्टेयर पंजीकृत रकबे के धान की खरीदी की जायेगी । किसान पंजीयन एवं रकबे में गत वर्ष के मुकाबले 3.71 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिले में 114 सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत 125 उपार्जन केन्द्रो में धान की खरीदी की जायेगी। उपार्जन केन्द्र स्तर पर भौतिक व्यवस्था, बारदानो की व्यवस्था तथा संवेदनशील उपार्जन केन्द्रो में सहकारिता एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति और उपार्जन केन्द्र वार जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों एवं ग्रामीण कृषि विभागो के अधिकारियों की ड्युटी लगाकर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। खरीदी के संबंध में किसी प्रकार के शिकायत के निवारण के लिए जिला स्तर पर शिकायत निवारण प्रकोष्ठ/नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिले में विपणन वर्ष 2021-2022 में 4 लाख 88 हजार 602 मेट्रिक टन धान उपार्जन का अनुमान है। जिसके अनुसार 24 हजार 430 गठान बारदाने की आवश्यकता को देखते हुए तैयारी की जा रही है। वर्तमान में 9 हजार 314 गठान बारदाना उपलब्ध है जिसे खरीदी केन्द्र में पहुंचा दिया गया है। जिला स्तर पर धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था के लिए 101 नोडल अधिकारियो की नियुक्ति की गई है साथ ही सभी उपार्जन केन्द्रो में निगरानी समिति गठित की गई है। अन्तर्राजीय धान के अवैध परिवहन पर निगरानी रखे जाने हेतु राजस्व, सहकारिता, खाद्य विभाग के कर्मचारियों का दल गठित किया गया है। इनके माध्यम से अवैध परिवहन, कोचियों, बिचैलियो पर नजर रखी जा रही है। जिले के 534 मण्डी अनुज्ञप्तिधारियों का सतत निरीक्षण कार्य जारी है। इस वर्ष जिले में 5 नये धान उपार्जन केन्द्र भी खोले गये है।