
मंगलवार को फ्लैग मार्च किया और यह संकेत दिया कि अगर इस होली किसी ने भी नियम कायदे तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस उसे छोड़ेगी नहीं
बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
वैसे तो होली को रंगों का पर्व कहते हैं। रंगो का ऐसा पर्व जो अपने पराए में भेद नहीं करता ।सारी दुश्मनीया भुलाकर लोग एक दूसरे के गले लगते हैं और रंग लगाकर भेदभाव खत्म किया जाता है। यह बातें कहीं और सुनी जरूर जाती है ,पर हकीकत यही है कि होली और हुड़दंग के नाम पर अपराधी तत्व वह सब कर गुजरते हैं, जिससे सभी सभ्य शहरी सहम जाता है। होली की रात से ही गुंडागर्दी, मारपीट की घटनाओं की बाढ़ आ जाती है। कभी, नशा कर पूरी रात हुड़दंग करना, गाली गलौज करना ,तोड़फोड़, घरों पर ईट पत्थर मारना, लड़कियों के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं होली को कलंकित किया करती थी। जिन घरों में जवान बेटियां हैं, उनके लिए तो होली का यह पर्व आफत लेकर आया करता था। लोग रतजगा कर अपने सामानों खासकर लकड़ियों की सुरक्षा किया करते थे। पुलिसिंग पूरी तरह लाचार हुआ करती थी ,लेकिन पिछले कुछ सालों में यह घटनाएं अतीत बनती नजर आ रही है। पुलिस की सख्ती की वजह से अब शोहदों की हिम्मत नहीं होती कि वे कानून व्यवस्था तोड़े। सड़क पर गाली गलौज और नियम कायदे तोड़ने वालों को तोड़ने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है, यह संदेश देने मंगलवार को पुलिस ने बिलासपुर शहर में फ्लैग मार्च निकाला ।आंदोलनकारियों के हमले को नाकाम करने वाले वज्र के साथ 40 वाहनों और 30 दोपहिया वाहनों में सवार होकर पुलिस के जवान और अधिकारी शहर में निकले। पुलिस ग्राउंड से शाम 4:00 बजे यह काफिला निकला। जिसने शहर के एक एक इलाके में घूम कर सबको होली शांतिपूर्वक मनाने का संदेश दिया। साथ ही उपद्रवी तत्वों को भी यह संदेश भी दे दिया कि अगर उन्होंने कानून तोड़ा तो फिर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा ।
पुलिस होली पर अपराधी तत्वों से निपटने पूरी तरह सजग और तैयार है। इसके लिए सोमवार को सभी थाना प्रभारियों की विशेष बैठक भी ली गई थी और उन्हें ताकीद किया गया था कि वे क्षेत्र के अपराधियों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर उन्हें हिरासत में ले। किसी भी घटना की शिकायत पर तुरंत मौके पर पुलिस को पहुंचने के भी निर्देश दिए गए हैं । वहीं होली मनाने को लेकर भी नियम कायदे पुलिस ने तय कर दिए हैं ।शराब पीकर या किसी और तरह का नशा कर वाहन चलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। मुखौटा पहनना तो दूर बेचने वालों के भी खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुपहिया वाहनों पर तीन सवारी गांठ कर हुल्लड़ मचाने वालों, गाली गलौज करने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। मेडिकल एसोसिएशन को भी निर्देश दिया गया है कि वे बिना डॉक्टर की पर्ची के कोई भी नशीली दवा किसी को ना बेचे। शराब की दुकानें तो हमेशा की तरह होली पर बंद रहेंगी। पुलिस ने सबसे शांतिपूर्वक और भाईचारे के साथ होली मनाने की अपील की है ।
शहर में दंगे के दौरान पुलिस इसी तरह फ्लैग मार्च कर नागरिकों को सुरक्षा का एहसास कराती है । यह विडंबना है कि होली जैसे पर्व पर भी वैसा ही कुछ करना पड़ रहा है। इसके लिए वह लोग दोषी हैं जिन्होंने स्नेह और भाईचारे के पर्व को प्रतिशोध और अपने अंदर छुपे खलनायक को उभारने का पर्व बनाकर रख दिया है। ऐसे तत्वों से निपटने का इरादा लिए पुलिस ने मंगलवार को फ्लैग मार्च किया और यह संकेत दिया कि अगर इस होली किसी ने भी नियम कायदे तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस उसे छोड़ेगी नहीं ।