
जुगुनू तंबोली

रतनपुर – प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी श्रावण शुक्ल पंचमी को नाग पंचमी पर्व मंगलवार को रतनपुर बरई (तम्बोली) समाज के द्वारा बरई बाडा में धूमधाम से मनाया गया। समाज के लोगों ने नाग देव की आराधना कर सुख समृद्धि की कामना की। वैसे इसके पीछे एक खास कहानी भी प्रचलित है, कहा जाता है कि अर्जुन के पोते जन्मजेय के पिता को तक्षक सांप ने मार दिया था, जिससे क्रोधित होकर जन्मजेय ने नागों के पूरे समुदाय को ही खत्म करने का प्रण किया और इसलिए उन्होंने नाग यज्ञ का आयोजन किया।

जिसे देखने के बाद नागों को बड़ी चिंता हुई, वो सभी घबराकर आस्तिक मुनि के पास पहुंचे और मदद की गुहार लगाई, जिस पर आस्तिक मुनि ने जाकर नाग यज्ञ को बंद करवाया और जन्मजेय को समझाने की कोशिश की, तक्षक ने भी जन्मजेय से माफी मांगी, तब जाकर उनका गुस्सा शांत हुआ, ये सबकुछ सावन मास की पंचमी के दिन हुआ था, तब से ही नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाने लगा।

इस कार्यकम में रतनपुर बरई समाज प्रमुख किशन तम्बोली, अध्यक्ष हरिहर तम्बोली,सचिव जुगनू तम्बोली कोषाध्यक्ष रितेश तम्बोली ,बाला प्रशाद तम्बोली, रूप तम्बोली,प्रकाश तम्बोली रामनारायण तम्बोली, मुन्ना तम्बोली, पप्पू तम्बोली सुधाकर, गोपी, सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।
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