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पुलिस ने आखिरकार छठ घाट के हमलावरों को पकड़ ही लिया, लेकिन अफसोस कि यह कार्रवाई तब हुई जब एक घायल की मौत हो चुकी है। गणेश विसर्जन के दौरान 16 सितंबर रात 8:00 बजे राजकिशोर नगर तुलसी आवास में रहने वाले लोग गणेश विसर्जन के लिए छठ घाट की ओर जा रहे थे कि तभी वहां इलाके के बदमाश कौशल यादव, सोनू सोनकर, मोंटू यादव और उसके साथी बाइक में सवार होकर पहुंचे और साइड न मिलने की बात पर इन से झगड़ा करने लगे ।इसी दौरान बदमाश एक युवती से उलझ गए और उसे देख लेने की धमकी दी। इस मामले में लोगों की समझाइश से ऐसा लगा कि मामला शांत हो गया लेकिन थोड़ी ही देर में कौशल यादव, सोनू सोनकर, मोंटू यादव अपने कुछ साथियों के साथ लाठी, डंडा, तलवार आदि हथियार लेकर छठ घाट पहुंच गए और वहां मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया। इस मामले में कई लोगों को चोटें आई लेकिन रिंकू गुप्ता के सर पर गंभीर चोट आई, जिसे इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया। इसी दौरान 27 सितंबर को रायपुर में इलाज करा रहे घायल रिंकू उर्फ विकास गुप्ता की मौत हो गई। जिसके बाद उसके परिजनों ने छठ घाट के पास रास्ते में शव रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की । क्योंकि पुलिस केवल मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर रही थी और सभी बदमाश खुलेआम घूम रहे थे । जब अखबारों की सुर्खियां बना तो पुलिस भी तत्पर हुई और लिंगियाडीह निवासी कौशल यादव, राजा मेंडे, सोनू सोनकर, मोंटू यादव, मोहन यादव और रुपेश चौबे को धर दबोचा। ये सभी इलाके के शातिर बदमाश है और आए दिन लोगों से मारपीट, गुंडागर्दी लूटपाट करना इनका काम है। अगर पुलिस इन पर पहले कार्यवाही करती तो शायद यह घटना ही नहीं होती।