
रमेश राजपूत
जांजगीर-चांपा – भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर ने जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ क्षेत्र में बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में पामगढ़ की अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और चोरभट्टी (उच्चभट्ठी) के पटवारी आयुष कुमार ध्रुव को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई से जिले में प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, धान उपार्जन केंद्र चोरभट्टी के प्रभारी धीरेन्द्र कुमार कौशिक ने एसीबी इकाई बिलासपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में बताया गया कि अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर ने पूर्व में धान उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान धान खरीदी में अनियमितता का आरोप लगाते हुए पंचनामा तैयार किया गया और बड़े अधिकारियों को प्रतिकूल रिपोर्ट भेजने की बात कही गई। इसके एवज में 30 से 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त तहसीलदार ने अपने साथ आए पटवारी आयुष कुमार ध्रुव से अलग बातचीत करने को कहा। इसके बाद पटवारी ने स्पष्ट रूप से बताया कि मैडम द्वारा मांगी गई रकम देनी होगी, साथ ही अपने लिए भी कुछ राशि की व्यवस्था करनी पड़ेगी। रिश्वत देने के लिए मजबूर किए जाने से आहत शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क कर आरोपियों को रंगेहाथ पकड़वाने का फैसला किया। एसीबी ने शिकायत का गोपनीय तरीके से सत्यापन किया, जो सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। 4 फरवरी 2026 को तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने 35 हजार रुपये की रिश्वत राशि आरोपियों तक पहुंचाई।

अतिरिक्त तहसीलदार के निर्देश पर जैसे ही पटवारी आयुष कुमार ध्रुव ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, मौके पर पहले से मौजूद एसीबी टीम ने तुरंत दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। रिश्वत की पूरी राशि पटवारी के कब्जे से बरामद कर ली गई। डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी विभाग में रिश्वत की मांग की जाए तो बिना भय के इसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें, ताकि समय रहते कड़ी कार्रवाई की जा सके।