
उदय सिंह
बिलासपुर – सर्पदंश से मौत बताकर शासन की सहायता राशि हड़पने के मामले में बिलासपुर जिले में कार्रवाई तेज हो गई है। फर्जी तरीके से सर्पदंश मृत्यु सहायता योजना की राशि प्राप्त कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में थाना तोरवा पुलिस ने ग्राम महमंद के दो अलग-अलग मामलों में चार लाख रुपये की शासकीय राशि छलपूर्वक प्राप्त करने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया है। पहले मामले में थाना तोरवा पुलिस ने ग्राम महमंद निवासी संतोष कुमार सूर्यवंशी एवं अन्य के खिलाफ धारा 420, 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। वहीं दूसरे मामले में ग्राम महमंद निवासी सफीना बानो एवं अन्य के विरुद्ध इन्हीं धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार दोनों मामलों में शिकायतकर्ता दौलत राम ठाकुर, जो तहसीलदार कार्यालय बिलासपुर में नायब नाजीर के पद पर पदस्थ हैं, को तहसीलदार बिलासपुर प्रकाश चंद साहू द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के लिए सूचनाकर्ता नियुक्त किया गया था। उनके द्वारा तहसील कार्यालय से प्राप्त प्रतिवेदन थाना तोरवा में प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।
तहसील कार्यालय से प्राप्त प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि सर्पदंश तथा जहरीले जीव-जंतुओं के काटने से मृत्यु के प्रकरणों की जांच के दौरान कई मामलों में वास्तविक मृत्यु का कारण छुपाकर शासन से आर्थिक सहायता राशि प्राप्त करने की जानकारी सामने आई है। ऐसे मामलों में आवेदकों द्वारा सर्पदंश मृत्यु सहायता योजना के तहत चार लाख रुपये की राशि प्राप्त की गई, जबकि जांच में प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण अलग पाया गया। महमंद गांव से जुड़े दो प्रकरणों में भी जांच के दौरान गड़बड़ी सामने आई। एक प्रकरण में आवेदक संतोष कुमार सूर्यवंशी द्वारा अपनी पत्नी लता सूर्यवंशी की मृत्यु को सर्पदंश से होना दर्शाकर सहायता राशि प्राप्त की गई थी। वहीं दूसरे प्रकरण में सफीना बानो पति स्वर्गीय निषार खां द्वारा अपने पति की मृत्यु को सर्पदंश से होना बताकर शासकीय सहायता राशि ली गई थी। राजस्व विभाग की जांच में प्रथम दृष्टया यह कृत्य कूटरचना और छलपूर्वक शासकीय राशि प्राप्त करने की श्रेणी में पाया गया। इसके बाद तहसीलदार कार्यालय ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस को प्रतिवेदन भेजा। गौरतलब है कि बिलासपुर अनुभाग अंतर्गत सर्पदंश एवं जहरीले जीव-जंतुओं के काटने से हुई मृत्यु से संबंधित कुल 15 प्रकरणों में प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आई है। इनमें से दो प्रकरण थाना तोरवा क्षेत्र के पाए गए हैं। प्रशासन द्वारा ऐसे सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। शासन की सहायता योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रशासन ने फर्जी दावों पर सख्ती शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि गलत जानकारी देकर सरकारी राशि प्राप्त करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।