
रमेश राजपूत
सक्ती – पुलिस अधीक्षक सक्ती प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के मामले में रक्षित केन्द्र में पदस्थ आरक्षक 48 जगजीवन टोण्डे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, आरक्षक जगजीवन टोण्डे को 3 जून 2026 को मालखरौदा न्यायालय में वारण्ट पेशी की ड्यूटी के लिए भेजा गया था। ड्यूटी पूरी करने के बाद वह रक्षित केन्द्र वापस नहीं लौटा और बिना किसी अनुमति के 17 जून तक लगातार अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहा। इसी दौरान सक्ती शहर के बुधवारी बाजार स्थित चबूतरे पर पुलिस वर्दी में आरक्षक के संदिग्ध अवस्था में सोते हुए पाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात सामने आई। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरक्षक के इस आचरण को कर्तव्य के प्रति उदासीनता और अनुशासनहीनता माना। इसके बाद आरक्षक जगजीवन टोण्डे के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।