
आईएमए छत्तीसगढ राज्य और अपोलो अस्पताल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कैंसर कॉनक्लेव में आये विश्वविख्यात कैंसर विशेषज्ञ डॉ जी के रथ ने संवादाताओं को किया संबोधित

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
छत्तीसगढ आईएमए के प्रेसीडेंट डॅा हेमंत चटर्जी ने एम्स नई दिल्ली के कैंसर विभाग के प्रमुख एवं भारत में कैंसर नियंत्रण योजनाओं के क्रियान्वयन प्रमुख डॉ जी के रथ को सम्बोधन के लिये आमंत्रित किया, उन्होंने बताया कि रिजनल कैंसर सेंटर्स की गाइडलाईन भी डॉ रथ ही तय करते है। संवादाताओं को संबोधित करते हुये डॉ जी के रथ ने संतोष जाहिर करते हुये कहा कि यह अच्छी बात है लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता फैल रही है। कैसर प्रिवेंटेबल है जरूरत है इसके सही समय पर पता चलने कि। हर कोई किसी न किसी बीमारी से ग्रसित है जैसे ब्लडप्रेशर, डायबिटिस आदि लेकिन ये बीमारियों ठीक नहीं की जा सकती इन्हें जीवन पर्यन्त दवाईयां लेकर नियंत्रण में रखा जाता है। 60 प्रतिशत कैंसर प्रिवेंटेबल है और 40 प्रतिशत को पूर्णतः ठीक किया जा सकता है। जैसे उन्होंने बताया पंजाब में मुंह का कैंसर नहीं होता क्योंकि वहां लोग पान और गुटखे का सेवन नहीं करते इस प्रकार 20 प्रतिशत होने वाले ओरल कैंसर से बचा जा सकता है। ठीक इसी प्रकार जहां तक छत्तीसगढ राज्य की बात है गुटखा, पान एवं गुडाखु का अत्यधिक मात्रा में सेवन चिंता का विषय है। तम्बाकू लगभग 40 प्रतिशत मुह, गले एवं फेफडों के कैंसर के लिये जिम्मेदार है। इससे यही निष्कर्ष निकलता है कि यदि पान व गुटखें का सेवन न किया जाये तो इन कैंसरों से बचा जा सकता है। डॉ रथ ने बताया कि 20 प्रतिशत, महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर पाया जाता है जिसका मुख्य कारण इन्फेक्शन होता है लेकिन सर्वाइकल वैक्सिनेशन से इस कैंसर से बचा जा सकता है। 9 से 26 साल की लडकियों को 2 वैक्सीन 6 महीने के अंतराल में लगाने की जरूरत होती है। इसी कडी में अगले 20 प्रतिशत में लीवर कैंसर के बारे में बताते हुये कहा कि उचित समय पर हैपेटाइटिस बी एवं सी वैक्सीनेशन एवं उचित स्वच्छता से बचा जा सकता है।आईएमए छत्तीसगढ राज्य के प्रमुख डॉ हेमंत चटर्जी ने बताया कि कैंसर से बचाव हेतु वैक्सिनेशन कैम्प भी आने वाले समय में आयोजित किये जायेंगे जहां सस्ती दरों पर वैक्सीन उपलब्घ होंगे। जैसे पोलियों खत्म हुआ ठीक उसी प्रकार सर्वाइकल कैंसर भी समाप्त किया जा सकता है।डॉ रथ ने बताया कि बहुत सी एैसी सेलिब्रिटिस है जो कैंसर के बचाव एवं रोकथाम के क्षेत्र में सक्रिय है क्रिकेटर युवराज सिंग जो कि एक कैंसर विजेता है अपने यु वी केन फाउंडेशन के जरिये वैक्सिनेशन उपलब्ध कराता है। इसी कडी में उन्होंने अभिनेत्री मनीषा कोईराला द्वारा भी कैंसर जागरूकता के क्षेत्र में किये जाने वाले कार्यों को सराहा। स्कूलों में सर्वाइकल वैक्सीनेसन कार्याक्रम को एक मिशन के रूप में क्रियान्वित करने की आवश्यकता की आवश्यकता को बताया।शेष 40 प्रतिशत क्योरेबल कैंसर कि बारे में डॉ रथ ने 80 व 20 का फार्मुला बताया जिसमें 20 प्रतिशत लोग ही कैंसर की पहली व दूसरी स्टेज में आते है उनमें से लगभग 80 प्रतिशत ठीक हो जाते है और वहीं 80 प्रतिशत लोग तीसरी या चौथी स्टेज में आते है जिनमें से से सिर्फ 20 प्रतिशत ही ठीक हो पाते है। रोग का प्रारंभिक अवस्था में पता लगना उसके ठीक होने की सम्भावनाओं को कई गुना बढा देता है। कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों में शरीर में किसी प्रकार की गांठ, दो से तीन सप्ताह की खांसी, वजन में अचानक कमी, नाक, कान, मुंह या मल में खून आना है एैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉ से परामर्श लेने की सलाह दी।डॉ रथ ने फिल्मकारों एवं सीरियल बनाने वालों की आलोचना करते हुये कहा कि अगर किसी भी किरदार को कहानी से हटाना हो तो वह उसे कैंसर से पीडित बताते है। इससे समाज में कैंसर के प्रति डर व्याप्त होता है। कार्यक्रम के दौरान अपोलो हॉस्पिटल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ सजल सेन, वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ सुश्री परीदा, रेडियेशन ओन्कोलॉजिस्ट डॉ प्रियंका सिंग
उपस्थित रहे।