
शायद चोरों की संख्या पुलिस से अधिक हो चुकी है। यही कारण है कि पुलिस चोरों के आगे पस्त नजर आ रही है

बिलासपुर मो नासिर
बिलासपुर में चोरी के मामलों में बढ़ोतरी पुलिस के लिए नई चुनौती पेश कर रही है । पुलिस गिनती के मामले ही सुलझा पाती है, लेकिन इसी बीच और भी नए मामले आंकड़ों का इजाफा करते हैं। अक्सर देखा जा रहा है कि चोर सूने मकान पर धावा बोल रहे हैं। जाहिर है कि यह चोर हर वक्त कॉलोनियों में रेकी करते हैं और घर के सूने होने की जानकारी इन्हें लग जाती है और इसी दौरान कुछ देर में ही यह शातिर चोर अपना काम कर जाते हैं। ऐसा ही कुछ वायरलेस कॉलोनी में भी हुआ। रेलवे के निर्माण विभाग में वरिष्ठ अनुविभागीय अभियंता के पद पर कार्यरत मनीष पांडे बुधवार शाम को पूरे परिवार के साथ गोल बाजार खरीदारी के लिए गए थे ।अपने पीछे उन्होंने कुछ घंटे के लिए ही घर को सूना रखा। उन्हें लगा दिनदहाड़े कुछ नहीं होगा, लेकिन जब वे शाम को वापस घर लौटे तो पूरे घर को अस्त-व्यस्त पाया। आंगन के रास्ते खिड़की का ग्रिल उखाड़कर चोर घर में प्रवेश किए थे, जिन्होंने अलमारी का ताला तोड़ा और एक-एक सामान की तलाशी ले डाली। घर के नजारे देख कर पांडे परिवार के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल जांच की तो पाया कि अलमारी में रखे नगद 10,000 रुपये के साथ चोर सोने-चांदी के महंगे जेवरात भी ले गए हैं , जिनकी अनुमानित कीमत ढाई लाख रुपए बताई जा रही है। इस चोरी की रिपोर्ट पांडे परिवार द्वारा तार बाहर थाने में दर्ज करा दी गई है । तारबाहर पुलिस वायरलेस कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में घूमने वाले संदेहिओ को पकड़ कर मामले को सुलझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन हैरानी इस बात की है कि पुलिस गश्त के दावे के बावजूद कैसे दिनदहाड़े चोर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। रेलवे कॉलोनी में आमतौर पर वीरानी छाई रहती है ।चोर इसी बात का फायदा उठाते हैं ।वैसे बेरोजगारी सचमुच बढ़ गई है और कुछ लोग बिना मेहनत किए दूसरों के खून पसीने की कमाई चोरी कर अपना शौक पूरा कर रहे हैं ।इस वजह से शायद चोरों की संख्या पुलिस से अधिक हो चुकी है। यही कारण है कि पुलिस चोरों के आगे पस्त नजर आ रही है।