
सुबह सिम्स निरीक्षण के लिये पहुंचने वाले स्वास्थ्य और पंचायत मंत्री टी एस सिंहदेव दोपहर 2 बजे सिम्स पहुंचे
बिलासपुर प्रवीण भट्टाचार्य
बिलासपुर- तय कार्यक्रम के अनुसार उनका स्वागत सत्कार किया गया,जिसके बाद उन्हें निरीक्षण के लिए निकलना था।मगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अनुशासन हीनता और अतिउत्साह के चलते उन्हें कुछ दूर चल कर ही ये कहना पड़ा कि चलो वापस, निरीक्षण किसी और दिन कर लेंगे।इस बीच जज्बा टीम,नर्सों और गार्डों ने मंत्री को रोककर अपना दुखड़ा सुनाया।
गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान यानी सिम्स के निरीक्षण के लिए पहुंचे ।यहां उनका फूल माला से भव्य स्वागत किया गया जिसके बाद फिर मंत्री निकल पड़े सिम्स के दौरे पर। वैसे तो यहाँ निरिक्षण मंत्री महोदय को करना था लेकिन मंत्री जी के आगे उनके कार्यकर्ता पहले ही पहुंच गए जिसके कारण काफी भीड़भाड़ हो गई और गेट भी जाम हो गया ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री करते भी तो क्या करते। वे एम् आर डी तक ही पहुंच पाए थे और तभी भीड़ भाड़ में आगे पीछे से धक्का-मुक्की शुरू हो गई जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री उल्टे पैर सिम्स के बाहर निकल पड़े इसके बाद उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब भी दिया सबसे पहले सिम्स की व्यवस्था को देख कर उन्होंने संतुष्टि जाहिर की है,डॉक्टरों की कमी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने इस बारे में पदोन्नति और भर्ती प्रक्रिया के दौरान इस कमी को जल्द से जल्द दूर कर लेने की बात कही,पीजी सीट के बारे में जब मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी हम 100 सीटों पर काम कर रहे हैं और कोशिश जारी है कि देर सवेर ही सही लेकिन 100 और सीटों के लिए पीजी सीट की मान्यता सिम्स को प्राप्त हो सके।जब पत्रकारों ने पूछा की 40 एकड़ की जो भूमि स्वीकृत की गई है उसमें जो बेजा कब्जा है तो उस बात का उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया औऱ कहा कि वहां से बेजा कब्जा हटाया जा चुका है,फिर जब सवाल किया गया कि बिना निरीक्षण किये वापस क्यों लौट रहे हैं तो इस बात को वे हंसकर टाल गए और कहीं ना कहीं कार्यकर्ताओं की भीड़ और उनकी अनुशासनहीनता को भी मंत्री ने स्वीकार किया।
–बहरहाल स्वास्थ्य मंत्री नाराज होकर सिम्स से निकल ही रहे थे कि उन्हें बीच रास्ते में जज्बा की टीम,नर्सों और सुरक्षा गार्डों ने रोक लिया।इस दौरान जज्बा की टीम ने अपनी समस्याओं से मंत्री को रूबरू करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा और उनकी आर्थिक मदद करने स्वास्थ्य विभाग से गुहार लगाया।फिर कुछ गार्डों ने शिकायत करते हुए कहा कि मंत्री जी लंबे समय से हमारा तनख्वा अटका है,हमें आश्वासन देकर ओव्हर टाइम कराया जाता है,लेकिन अभी तक ना ही तनख्वा दिया और ना ही ओव्हर टाइम का बकाया,यहां तक हमारा संविदा भर्ती का कागज भी दबा लिया गया है,सुरक्षा गार्डों ने अपनी बातें दिल से स्वास्थ्य मंत्री से बयान करते हुए इन सब का जिम्मेदार सुरक्षा एजेंसी संचालक राजेश त्रिवेदी को ठहराया।उसके बाद स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए नर्सों ने कहा कि वे लंबे समय से वेतन विसंगति दूर करने की मांग कर रहे है,वही वे इसको लेकर रायपुर मंत्रालय के पास आंदोलन भी कर चुके है,लेकिन अबतक उनकी मांगें पूरी नही हुई है,इस बात पर मंत्री ने नर्सों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे उच्च अधिकारियों से विचार विमर्श करेंगे।बहरहाल जिस तरह सिम्स में तमाम समस्याएं बनी हुई थी,जिसे सुनकर ही सिम्स का निरीक्षण करने का मन बनाए स्वास्थ्य मंत्री सिम्स पहुंचे तो जरूर,लेकिन कार्यकर्ताओं की भीड़ ने उन्हें सिम्स में खामियां खोजने नही दी,यही वजह थी कि भारी भीड़ भाड़ और अव्यवस्थाओं से परेशान होकर मंत्री ने अपना कदम रोक लिया,और बिना निरीक्षण किये ही सिम्स के कुछ फरियादियों की फरियाद सुनकर वापस लौट पड़े।