
हरिशंकर पांडेय
मल्हार – शनिवार को पातालेश्वर महादेव मंदिर में ब्रम्ह मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था जहाँ देर रात तक भारी भीड़ रही। इसके अलावा दूर दूर से कांवड़ियों के कई जत्थे बोल बम,हर हर महादेव के जयकारा लगाते मंदिर पहुचे जहां उन्होंने जलाभिषेक किया। आज सबसे ज्यादा संख्या महिलाओ व युवतियों की रही जिन्होंने अपनी मनोकामना के लिए पूजा की
थाली में बेलपत्र, धतूरा, आंक फूल पत्ते, टेसू फूल, कनेर, दूर्वा, चावल, आम का मौर, दूध, पंचामृत, गन्ना रस, गंगाजल, नारियल, धूप, दिप के अलावा विभिन्न पूजा सामग्रियों से भोले नाथ की पूजा की वही कई लोग जमीन नापते भगवान शिव शंकर के शरण मे पहुचकर आशीर्वाद मांगा। नगर के पौराणिक महत्व के प्रसिद्ध परमेश्वरा सरोवर में भी सैकड़ो लोगो ने स्नान कर पवित्र जल से अभिषेक किया।
हर हर शंकर–कण कण शंकर….
ऐतिहासिक नगरी मल्हार में हर जगह शंकर है जिसकी प्रमाणिकता यह है कि यहां के सभी तालाबो के किनारे प्राचीन कॉल से ही शिवलिंग स्थापित है इसलिए इस पवित्र नगरी को शिव की नगरी कहा जाता है बताया जाता है कि यहां शैव व शाक्त परम्परा के अनुयायियों की तपोस्थली थी जो कि शिव जी की आराधना करते थे जो आज भी यहां स्थापित है उन स्थलों में भी आज महाशिवरात्रि पर पूजा हुई। इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध माँ डिडनेश्वरी देवी मंदिर भी श्रद्धालुओं से दिनभर गुलजार रहा। जलाभिषेक करने आए प्रायः सभी लोग 1किमी पैदल चलकर माता के दरबार पहुचे। इस परिसर में भी दिनभर मेला जैसा माहौल रहा।
भारी भीड़ रही श्रद्धालुओ की….
शिव आराधना के इस पर्व पर इस बार 20 हजार से ज्यादा लोगो ने भगवान पातालेश्वर में जलाभिषेक किया। भारी भीड़ को नियंत्रित व व्यवस्थित करने तथा मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाने पुलिस कर्मियो के अलावा राजीव युवा मितान क्लब के सदस्यों और एनएसएस के बच्चों ने भी योगदान दिया वे सुबह से शाम तक श्रद्धालुओ को दर्शन कराने व कोई भी मदद के लिए तत्पर रहे। वही श्रद्धालुओ को धूप से बचाने अस्थाई शेड बनवाया गया था जिससे लाइन में खड़े लोगो को राहत मिली। साथ ही माहौल को भक्तिमय बनाने परिसर में मंचीय कार्यक्रम रखा जिसमे गायकों ने शिव स्तुति व शिव महिमा के गीत से लोगो का मनोरंजन किया।
मंदिर परिसर में अस्थाई कार्यालय बनाया गया जहां नगर पंचायत के जनप्रतिनिधि व कर्मचारी व्यवस्था पर नजर रखकर लोगो से किसी भी प्रकार की मदद के लिए अपील कर रहे है यह व्यवस्था पूरे 15 दिन मेला के दौरान रहेगी। हालांकि मुख्य मार्ग संकीर्ण होने से विभिन्न साधनों से आए लोगो को गाड़ी पार्क करने मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाने बस स्टैंड से मन्दिर तक जाने से बड़ी गाड़ियों को रोक दिया व बाईपास को वन वे बनाकर गाड़ियों को निकाला।