

जांजगीर चांपा- ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 2011 में राजस्थान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एन आर एम एल की शुरुआत की गई इस योजना का उद्देश्य स्व सहायता समूह तथा संघीय संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण परिवार के बीपीएल हितग्राही को 8 से 10 वर्ष की अवधि में आजीविका के लिए आवश्यक साधन जुटाने में सहयोग देना है एवं इस योजना के माध्यम से स्व सहायता समूह को कौशल विकास उन्नयन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। घरेलू हिंसा से महिलाओं को बचाने और उनका संरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 पारित किया है इसके क्रियान्वयन की जवाबदारी राज्य सरकारों पर है इस अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नवा बिहान योजना राज्य भर में संचालित की जा रही है, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं बिहान योजना से जुड़कर सिलाई,कढ़ाई करने जैविक खाद बनाने और खुद के द्वारा बनाए गए सामानों को बाजार में बेचने का काम करती है और आत्मनिर्भर बन रही है। इसीक्रम में हसौद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में बिहान योजना के बारे में और इससे मिलने वाले लाभ की जानकारी महिला स्व सहायता समूह की महिलाओ को दिया गया, इसके अलावा महिलाओं को बेरोजगारी के उपाए, घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओ के उत्थान के विषय मे प्रशिक्षण एवं जागरूकता प्रदान की गई, जहाँ प्रमुखरूप से रितु बंजारे,धनबाई राय,कामीन साहू,हेमलता निषाद,मोंगराबाई साहू,निर्मला महेश,उर्मिला साहू,कामेश्वरी बाई सहित सैकड़ो की संख्या में समूह एवं समिति की महिलाएं उपस्थित रही।