
साल दर साल बढ़ते टेक्नोलॉजी की वजह से पुलिस बेबस है। इसी का फायदा सटोरिए उठा रहे हैं

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
आईपीएल और सट्टे का साथ चोली दामन की तरह है । आईपीएल के मैच शुरू होते ही सटोरियों की चाँदी हो चुकी है। बिलासपुर में भी लंबे वक्त से सट्टा के कारोबार के बड़े खिलाड़ी रहे सटोरियों पर पुलिस कार्यवाही के चलते उन्होंने शहर से बाहर से ही सट्टे के कारोबार का संचालन शुरू कर दिया है। अधिकांश कुख्यात सटोरिए शहर के बाहर रहकर अपने लोगों के माध्यम से इस कारोबार को ऑपरेट कर रहे हैं।फ़िलहाल मामूली कटिंग और कमीशन पर सटोरियों के गुर्गे इस कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। चुनावीं आचार संहिता की वजह से पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने सभी थानों को जुआ सट्टा पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद सरकंडा पुलिस लगातार टीम बनाकर सटोरियों की धर पकड़ कर रही है। रविवार रात को उनके हाथ 3 सटोरिया लगे थे। एक बार फिर सरकंडा पुलिस की टीम ने मुखबीर की सूचना के बाद डबरी पारा स्कूल के पीछे धावा बोला तो यहां सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल के बीच चल रहे T20 मैच पर टीवी और मोबाइल ऐप के जरिए सट्टा खिलाते धनेश्वर तिवारी को पुलिस ने रंगे हाथों धर दबोचा। यहां पुलिस को उम्मीद से भी अधिक सफलता मिली है। बताया जा रहा है धनेश्वर प्रसाद तिवारी ऑनलाइन करीब 25 लाख रुपए का सट्टा खिला रहा था। पुलिस को उसके पास नगद 77,000 रुपये मिले हैं। इसके अलावा 5 मोबाइल , एक एलईडी टीवी ,एक सेट टॉप बॉक्स और अन्य कुछ सामग्री पुलिस ने धनेश्वर प्रसाद तिवारी से जप्त किए हैं।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए आईपीएल के मुकाबले भले ही दिलचस्प हो, लेकिन असल में आईपीएल सट्टेबाजों का स्वर्ग बन चुका है। आईपीएल के एक सीजन में ही अरबों खरबों का सट्टा खेला जाता है और पुलिस इस पर लगाम लगाने में असमर्थ है। साल दर साल बढ़ते टेक्नोलॉजी की वजह से पुलिस बेबस है। इसी का फायदा सटोरिए उठा रहे हैं।