
यह पारिवारिक विवाद का भी मामला हो सकता है जिसमें मुमकिन है कि मां ने खुदकुशी करने से पहले खुद दोनों बच्चों को जहर दिया हो?

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
बच्चों की परवरिश किसी भी मां-बाप के लिए आसान नहीं होती। बच्चे जिज्ञासा बस कब क्या कर जाए यह कहना मुश्किल होता है। कई बार बाल सुलभ खेल जानलेवा भी साबित हो सकता है ।ऐसा ही कुछ बिलासपुर के जरहाभाटा मिनीमाता मस्ती बस्ती में हुआ। यहां एक अवांछित घटना से 2 बच्चे कालकवलित हो गए तो वही उनकी मां अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है ।पेशे से बिल्डर संजय मसीह अपनी पत्नी सरिता मसीह के साथ जराहभाटा में रहता है । उसके दो बच्चे हुआ करते थे। बड़ा बेटा 11 साल का आशीष मसीह और दूसरा 3 साल का अभिषेक मसीह हर दिन की तरह घर में खेल रहे थे। खेल खेल में उन्होंने जो कुछ किया उस से अनजान मां ने दोनों को शाम को खाना खिलाया और उसके कुछ घंटे बाद ही दोनों की तबीयत बुरी तरह बिगड़ने लगी ।दोनों लगातार उल्टी करने लगे ।पिता को इसकी सूचना दी गई लेकिन इसी दौरान सरिता की भी तबीयत बिगड़ गई ।जब बच्चों से इस बारे में पूछा गया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्चों ने बताया कि खेल खेल में उनके हाथ घर में रखी चूहा मारने की दवा आ गई थी। जिसे उन्होंने मस्ती मस्ती में केक ,कोल्ड ड्रिंक और सब्जी में मिला दिया था। शाम को मां ने दोनों बच्चों को खाने में सब्जी के साथ केक और कोल्ड ड्रिंक भी दिया था ,इसलिए बच्चों की हालत बुरी तरह बिगड़ गई। वहीं सरिता ने सिर्फ कोल्ड ड्रिंक पिया था इसलिए अपेक्षाकृत उसकी तबीयत कुछ हद तक काबू मे थी। मिनी माता बस्ती में यह खबर आग की तरह फैल गई कि तीनों ने जहर का सेवन कर लिया है तो उन्हें सिम्स भर्ती कराया गया लेकिन सिम्स में हालात बेकाबू होने पर दोनों बच्चों को अपोलो रिफर किया गया जहां पहले छोटे बेटे अभिषेक ने अपना दम तोड़ दिया तो वही कुछ ही घंटों बात बड़ा भाई आशीष भी चल बसा। इधर गंभीर रूप से पीड़ित सरिता का इलाज सिम्स में चल रहा है। मीडिया से बातचीत करते हुए संजय मसीह ने बताया कि घर में मौजूद चूहा मारने की दवा बच्चों के हाथ लग गई थी जिसे एक खेल की तरह कोई मसाला समझकर बच्चों ने खाने पीने की चीजों में मिला दिया था जिस वजह से उसका पूरा परिवार उजड़ गया। दोनों बच्चों की मौत से पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है। इस संबंध में रिम्स में भर्ती मृत बच्चों की मां सरिता मसीह ने बताया कि वह बुधवार को रोज की तरह अपने काम में व्यस्त थी इसी दौरान बच्चों ने अनजाने में चूहे मारने की दवा खाने पीने की चीजो में मिला दी उसने केवल कोल्डिंग पिया था फिर भी उसे भी उल्टियां हुई लेकिन बच्चों की हालत जल्द ही बहुत खराब हो चुकी थी इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच कर रही है लेकिन जब मीडिया ने मसीह परिवार के पड़ोसियों से घटना के बारे में जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि मामला वैसा नहीं है जैसा कि बताने की कोशिश की जा रही है यह पारिवारिक विवाद का भी मामला हो सकता है जिसमें मुमकिन है कि मां ने खुदकुशी करने से पहले खुद दोनों बच्चों को जहर दिया हो बताया जाता है कि सविता और उसके पति संजय मसीह के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था सच्चाई क्या है यह तो पुलिस जांच से ही स्पष्ट हो सकेगी लेकिन अगर घटना की सच्चाई यही है तो फिर यह हर उस मां बाप के लिए सबक है जिनके बच्चे छोटे हैं उन्हें बच्चों की जद से हर उस चीज को दूर रखना चाहिए जो किसी की जान ले सकती है