
आखिरकार बिलासपुर पुलिस ने यह कलंक भी धो लिया। इसी के साथ विराट अपहरण कांड के सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं
बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
जब ऐसा लगने लगा था कि पुलिस की जद से विराट अपरण कांड का सरगना राज किशोर सिंह बाहर हो चुका है, तब भी पुलिस चुपचाप उसकी घेराबंदी कर रही थी और आखिरकार पुलिस ने उसे बिहार से गिरफ्तार कर लिया । राज किशोर सिंह मीरगंज में छुपा हुआ था।
आपको याद दिला दें कि बिलासपुर के बहुचर्चित विराट सराफ अपरण कांड 20 अप्रैल की रात करीब 8:15 बजे घटी थी। जब भाजपा कार्यालय के सामने कर्बला से बर्तन व्यापारी विवेक सराफ के 7 वर्षीय पुत्र विराट सराफ को एक सफेद वैगनआर कार में बिठाकर तीन अपरण कर्ता गायब हो गई थे । इसके बाद मामले के लिए गठित टीम ने बेहतरीन कार्य करते हुए ना सिर्फ विराट को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सुरक्षित बरामद किया बल्कि मुख्य सरगना को छोड़कर सब आरोपियो को गिरफ्तार भी कर लिया। इस मामले में मास्टरमाइंड विराट की ही ताई नीत सराफ थी।
नीता से करीब 30 लाख रूपए कर्ज लेने वाले अनिल सिंह ने नीता के साथ मिलकर अपहरण की पूरी प्लानिंग की थी। अपहरण की घटना को अंजाम देने के लिए अनिल सिंह ने अपने परिचित राज किशोर सिंह को भी योजना में शामिल किया था।राजकिशोर पहले भी अपहरण और फिरौती के मामले में जेल जा चुका था और उसी ने अपहरण की पूरी कहानी लिखी थी। विराट सराफ को अपहरण करने के बाद पन्ना नगर में राज किशोर सिंह के मकान में छुपा कर रखा गया था और राज किशोर सिंह खुद बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड में लोकेशन बदल बदल कर फिरौती की रकम मांग रहा था। पहले तो उसने विराट सराफ के पिता से 6 करोड़ की फिरौती मांगी। बाद में पुलिस के कसते शिकंजे की वजह से डेढ़ करोड़ में सौदा तय हुआ, लेकिन इसी बीच राज किशोर सिंह से गलती हो गई ।उसने विराट के साथ मौजूद अपहरणकर्ता से फोन पर की और पुलिस ने विराट को ढूंढ निकाला। इसके बाद एक-एक कर सारे आरोपी पकड़ लिए गए, लेकिन सरगना राज किशोर सिंह लगातार पुलिस को छकाता रहा। अपहरण की घटना को अंजाम देने के बाद अपने डस्टर कार में सवार होकर वह अंबिकापुर, बलरामपुर होते हुए औरंगाबाद बिहार चला गया और छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश तथा बिहार के अलग-अलग स्थानों से विवेक सराफ से फोन कर फिरौती की मांग करता रहा, लेकिन जैसे ही उसे 26 अप्रैल को यह पता चला कि उसके सभी साथी पकड़े गए हैं तो वह अपने पास मौजूद मोबाइल को बंद कर फरार हो गया।
लेकिन बिलासपुर पुलिस लगातार फरार राज किशोर सिंह की तलाश कर रही थी। पुलिस की टीम उसकी तलाश में छत्तीसगढ़ के अलग अलग शहरों के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली भी गई ।उसके छिपने के सभी संभावित स्थानों पर छापा मारा गया, लेकिन शातिर राज किशोर सिंह पुलिस की पकड़ में नहीं आया । इसके बाद कोतवाली पुलिस के नेतृत्व में साइबर सेल लगातार नजर रखे हुए थी। इसी वजह से पुलिस को खबर लगी कि फरार राज किशोर सिंह बिहार के मीरगंज इलाके में छुपा हुआ है। तुरंत एक टीम बिहार रवाना की गई। जिसने संभावित स्थानों पर छापा मारकर आखिरकार राज किशोर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड भी जप्त कर लिया गया है। अपहरण कांड का मुख्य आरोपी राज किशोर सिंह मूलतः छपरा बिहार का रहने वाला है, जिसका बिलासपुर जहां भाटा में भी एक मकान है ।शुरू से ही अपराधी प्रवृत्ति के होने की वजह से उसकी मोहल्ले में किसी से नहीं बनती थी ।
यहां तक कि उसके परिजन भी उसे छोड़कर गांव चले गए थे ।विराट कांड सुलझाने के बाद पुलिस की तारीफ हो रही थी, लेकिन फिर भी पुलिस के गले में राज किशोर सिंह के रूप में एक फ़ांस था जिसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। आखिरकार बिलासपुर पुलिस ने यह कलंक भी धो लिया। इसी के साथ विराट अपहरण कांड के सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। जिसमें विराट की बड़ी मां नीता सराफ भी शामिल है।