
पूर्व नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल ने भी लोकसभा सीट पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया था,
बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
शुक्रवार देर रात कांग्रेस ने बिलासपुर लोकसभा सीट के लिए प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है। उसके बाद से हर तरफ यही चर्चा है कि उनके मुकाबले भारतीय जनता पार्टी किसे मैदान में उतारेगी। पिछले कुछ दिनों से भारतीय जनता पार्टी से कई नाम उभरकर सामने आए हैं ।पूर्व नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल ने भी लोकसभा सीट पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया था, लेकिन कुछ दिनों पहले ही प्रभारी अनिल जैन ने स्पष्ट कर दिया था कि इस बार पार्टी जहां एक तरफ मौजूदा सांसदों का टिकट काट रही है वहीं हारे हुए विधायकों को भी टिकट नहीं देगी। रेस से बाहर होने के बाद अमर अग्रवाल की कोशिश होगी कि उनके ही किसी करीबी को टिकट दिलाया जाए। इस बीच संघ के डॉ विनोद तिवारी का नाम उभरकर सामने आया । उनकी छवि और जीत की संभावना से जिले के बड़े भाजपा नेता सहमे हुए हैं और बंद कमरे में हुए समझौते के बाद फैसला लिया गया है कि डॉक्टर विनोद तिवारी के अलावा किसी को भी भारतीय जनता पार्टी टिकट दे दे यही कोशिश की जाए। यानी फिलहाल डॉक्टर विनोद तिवारी के खिलाफ जिले के ही बड़े भाजपा नेता गोलबंदी करते नजर आ रहे हैं। वहीं इसी बीच दो नए नाम उभरकर सामने आए हैं जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक साहू का भी नाम है। साहू समाज के बड़े वोट बैंक को ध्यान में रखकर उनके नाम को आगे लाया गया है लेकिन उनके साथ कुछ विवाद भी जुड़े हो सकते हैं इसलिए जूना बिलासपुर निवासी अधिवक्ता अरुण साव के नाम पर दांव खेला जा सकता है। अरुण साव हाई कोर्ट में अधिवक्ता है और संघ से भी उनका पुराना नाता रहा है। भले ही सक्रिय राजनीति में अरुण साव नहीं रहे हो लेकिन जिस तरह अचानक से लखनलाल साहू को पिछले लोकसभा चुनाव में आगे किया गया था उसी तर्ज पर मुमकिन है कि आखिरी वक्त पर अरुण साव को टिकट दे दिया जाए।