उदय सिंह
इसे कहते हैं चोरी और सीनाजोरी। इस कहावत को सोमवार को जिला प्रशासन ने कर्बला क्षेत्र में चरितार्थ होते देखा। यहां करीब 20 30 घरों में बिना मीटर के ही बिजली कनेक्शन लेकर चोरी की बिजली से ना सिर्फ घर रोशन किया जा रहा था बल्कि कूलर टीवी से लेकर हर एक बिजली के उपकरण का भी धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा था। नई सरकार के आने के बाद से पूरे प्रदेश में बिजली की कमी उत्पन्न हो गई है। घरों में नियमित बिजली की सप्लाई नहीं हो पा रही, वहीं एक बड़ा क्षेत्र चोरी की बिजली से मौज कर रहा है।
इसकी सूचना मिलने पर बिजली विभाग ने करीब दो दर्जन से अधिक घरों के बिजली कनेक्शन काट दिए। चोरी की बिजली इस्तेमाल करने वालों में तनिक भी झिझक नहीं देखी गई। उल्टे उन्होंने बिजली विभाग के कर्मचारियों से ही विवाद करना शुरू कर दिया। पहले तो बिजली विभाग के कर्मचारियों से उलझे और फिर भीड़तंत्र का सहारा लेकर गलत को सही साबित करने का प्रयास शुरू हो गया। कर्बला चौक पर इन परिवारों का साथ देने और भी लोग जुट गए क्योंकि इस हमाम में सब एक जैसे ही हैं। देखते ही देखते कर्बला में चक्का जाम हो गया । जो लोग चोरी की बिजली से अपना घर रोशन कर रहे थे वे उल्टे पार्षद पर ही तोहमत लगाने लगे । इधर कोतवाली पुलिस को चक्का जाम की खबर लगी तो वह तुरंत मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझाइश देने की कोशिश करने लगी। लेकिन लोगों ने अपना हठ जारी रखा।
जिसके बाद क्षेत्र के पार्षद बबलू पमनानी को बुलाया गया। लोगों के आगे प्रशासन घुटने टेकती नजर आई। चोरी का बिजली इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है और खुद पुलिस, पार्षद पर यह दबाव बनाने लगी कि अवैध तरीके से बिजली खपाने वाले लोगों के कनेक्शन वापस जुड़वाये जाए। इस हैरान करने वाले नजारे से यह साबित हो गया कि प्रशासन भीड़ के आगे कैसे विवश हो जाती है। चक्का जाम करने वाले लोगों ने यहां अजीब अजीब तर्क दिए । उनका कहना है कि कर्बला क्षेत्र के आधे से अधिक मकानों में बिना मीटर के ही बिजली खपाया जा रहा है तो फिर केवल कुछ लोगों के कनेक्शन ही क्यों काटे जा रहे हैं। यानी कोई और चोरी कर रहा हो तो हमें भी चोरी करने का लाइसेंस दिया जाना चाहिए । लेकिन हैरानी इस बात की है कि पुलिस और प्रशासन भी इस तर्क को मानती नजर आई और चक्काजाम समाप्त करने के लिए उनकी इस नाजायज मांग को भी पूरा कर दिया गया । कुछ लोगों ने बिजली विभाग पर भी तोहमत लगाया कि उन्होंने मीटर के लिए आवेदन किया था लेकिन बिजली विभाग ने मीटर नहीं लगाया ।लेकिन बिजली विभाग का कहना है कि आरोप निराधार है । लोग चोरी का बिजली मुफ्त में इस्तेमाल करते हैं और एक की देखा देखी दूसरा भी ऐसा करने लगता है। सघन और मुस्लिम बस्ती होने की वजह से बिजली विभाग के कर्मचारी कार्यवाही करने से भी डरते हैं। सोमवार को भी एकजुटता का परिचय देते हुए कर्बला क्षेत्र के लोगों ने आखिर गलत को सही साबित करते हुए प्रशासन को घुटने टेकने पर विवश कर ही दिया।