
रमेश राजपूत
बिलासपुर – तारबाहर थाना क्षेत्र अंतर्गत विनोबा नगर में 24 अक्टूबर की सुबह मृतक हरिओम संदिग्ध परिस्थितियों में अचेत मिला था जिसे डायल 112 की टीम ने हॉस्पिटल पहुँचाया था, जहाँ हॉस्पिटल में उपचार के दौरान उसी रात उसकी मौत हो गई थी, मामले में घटना के दूसरे दिन परिजनों को इसकी जानकारी मिली जिस पर उन्होंने इसे एक्सीडेंट न मानते हुए उनके बेटे की हत्या होने का खुलासा किया था। मामले में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच शुरू की गई, जिसमें मृतक हरिओम के परिवारजनो एवं अन्य गवाहो से जांच दौरान यह तथ्य सामने आया कि संदेही इन्द्रजीत एवं सुयश नाम के व्यक्ति के द्वारा लेनदेन के संबंध में विवाद था जिसे घटना दिनांक को आरोपियो द्वारा फोन किया गया था मुखबीर सूचना व तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पूर्व में संदेही आरोपी सुयश सिंह, सक्षम पाण्डेय, संतोष सोनी, तुषार मजुमदार, दामन सिंह, हर्षित गौरहा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर न्यायालय पेश किया गया था एवं प्रकरण के मुख्य आरोपी इंद्रजीत यादव घटना घटित कर फरार हो गया था जिसकी लगातार तलाश किया जा रहा था

सायबर सेल बिलासपुर से आरोपी का काल डिटेल, टावर लोकेशन प्राप्त कर आरोपी के लोकेशन बलिया उ.प्र. में मिलने से तत्काल टीम बलिया उ.प्र. रवाना किया गया था आरोपी को टीम द्वारा उत्तरप्रदेश में लगातार पतासाजी किया जा रहा था आरोपी बार बार अपना लोकेशन बदल रहा था पुलिस टीम द्वारा सायबर सेल कि मदद से घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी इंद्रजीत यादव को गिरफ्तार कर ट्राजिट रिमाण्ड पर लाया गया है आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक नग डंडा जप्त कर आरोपी को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा जा रहा है। संपूर्ण कार्यवाही में निरीक्षक कृष्ण चंद सिदार, सउनि उमेश उपाध्याय, सउनि संजय शर्मा, आर. राहुल राजपूत, ख्वाजा असलम का विशेष योगदान रहा।