
रमेश राजपूत
बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के चिंगराजपारा स्थित गंधर्व समाज के सामाजिक भवन में 77वां गणतंत्र दिवस देशभक्ति और सामाजिक एकता के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में समाज के बच्चों, युवाओं, वरिष्ठजनों और पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। तिरंगे की शान, राष्ट्रगान की गूंज और देशभक्ति गीतों से पूरा परिसर राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगा नजर आया।
राष्ट्रगान और ध्वजारोहण से हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुई। समाज के गणमान्य नागरिकों और वरिष्ठ सदस्यों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने संविधान की गरिमा और देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को नमन किया।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जगाया देशभक्ति का जोश
ध्वजारोहण के बाद बच्चों और युवाओं द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य और लघु नाटकों की प्रस्तुति दी गई। इन कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और देश के प्रति गर्व की भावना को और मजबूत किया। वरिष्ठ सदस्यों ने अपने संबोधन में संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक एकजुटता के महत्व पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि का प्रेरक संदेश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रभाकर ग्वाल (गृह क्षेत्र न्यायाधीश) ने अपने संबोधन में कहा, “गणतंत्र दिवस हमें केवल अधिकारों की नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। संविधान ने हमें समानता, न्याय और स्वतंत्रता का अधिकार दिया है, लेकिन समाज को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी भी हम सभी नागरिकों की है।”
उन्होंने युवाओं से संविधान की मूल भावना को समझने और समाज में सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
सामाजिक एकता पर जोर
गंधर्व समाज की जिला अध्यक्ष कौशिल्या सागर ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारा बढ़ाते हैं। वहीं सचिव राजकुमार गंधर्व ने सभी को एकजुट रहकर समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश दिया।
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर रामशरण गंगे, रामकुमार गंधर्व, सालिक साहू, गयाराम ठाकुर, शैलेष देवांगन, पंकज गंधर्व सहित समाज के कई प्रमुख सदस्य और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
मिठाई वितरण के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन मिठाई वितरण और सामूहिक जयघोष के साथ हुआ। पूरे आयोजन ने समाज में एकता, राष्ट्रभक्ति और संविधान के प्रति सम्मान की भावना को और सशक्त किया।