
जुगनू तंबोली
रतनपुर-बिलासपुर जिले के सीमावर्ती जिले गौरेला/पेन्ड्रा/ मरवाही तथा कोरिया जिले में सफेद चंदन के पेड़ो की उपज होती है, 09.02.2022 को पुलिस अधीक्षक बिलासपुर पारूल माथुर को मुखबिर द्वारा सफेद चंदन की पेड़ो की तस्करी के संबंध में सूचना मिली थी, की दो युवक नया बस स्टैण्ड रतनपुर में बोरियों में सफेद चंदन की लकड़ी लेकर उत्तर प्रदेश जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे है, पुलिस अधीक्षक महोदय के मुखबिर की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रोहित झा एस डी ओ पी कोटा आशिष अरोरा के दिशानिर्देश पर
थाना प्रभारी रतनपुर हरविंदर सिंह के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक हेमंत सिंह, आरक्षक – रामलाल सोनवानी, सचिन तिवारी के टीम गठित कर रेड कार्यवाही की गई। बस स्टैण्ड रतनपुर में बोरी लेकर खड़े दो अज्ञात युवक पुलिस की वाहन को देखकर भागने लगे जिनका पीछा किया गया, किन्तु संदेही युवक अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गये। रतनपुर पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर संदिग्ध युवकों द्वारा छोड़े गये बोरे को चेक किया गया जिसमें लगभग 2-2 फीट लम्बाई के कुल 15 नग सफेद चंदन के पेड़ के कटे हुए खुशबूदार टुकड़े बरामद किया गया, जिसका तौल कराने पर कुल वजनी 100.11 किलोग्राम होना पाया गया, जप्त सफेद चंदन की लकड़ियो की कीमत लगभग 05 लाख रूपये है।
रतनपुर पुलिस द्वारा सफेद चंदन की खुशबुदार लकड़ियो को संदिग्ध चोरी का तथा शासन द्वारा प्रतिबंधित लकड़ी के तस्करी के अपराध से संबंधित मसरूका होने के संदेह पर कार्यवाही की जा रही है। सफेद चंदन की लकड़ी की कटाई एवं परिवहन भारतीय वन अधिनियम अंतर्गत प्रतिबंधित एवं दण्डनीय है, सफेद चंदन का उपयोग औषधि सौन्दर्य प्रसाधन एवं धार्मिक कार्यों में किया जाता है। छत्तीसगढ़ में चंदन दुर्लभ है, पुलिस को ऐसा अनुमान है कि अज्ञात लोगों द्वारा चोरी कर चंदन लकड़ी को उत्तरप्रदेश की ओर ले जाया जाता है।