
उदय सिंह
बिलासपुर – चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम पौंसरा स्थित प्राचीन मां कोसगाई दाई मंदिर में सप्तमी के दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह मंदिर बिलासपुर न्यायधानी से 14 किलोमीटर दूर बैमा नगोंई ग्राम से 7 किलोमीटर आगे स्थित है। नवरात्रि में यहां भक्तों की आस्था देखते ही बनती है। शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस मंदिर में मां कोसगाई दाई पिंडी स्वरूप में विराजमान हैं, जहां भक्तों की अपार श्रद्धा देखने को मिलती है।माना जाता है कि यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है और यहां मां कोसगाई दाई की पूजा-अर्चना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सप्तमी के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

दूर-दूर से आए भक्तों ने मां के दर्शन कर ज्योति कलश प्रज्वलित किए। मंदिर परिसर में तेल और घृत से सैकड़ों ज्योति कलश जलाए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आलोकित हो उठा। मंदिर परिसर में मां कोसगाई दाई के अलावा शीतला माता, कालिका माता, ठाकुर देव और भैरो बाबा के मंदिर भी हैं, जो भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर समिति और ग्रामवासियों द्वारा विशेष आयोजन किए जाते हैं। सप्तमी से लेकर नवमी तक भजन-कीर्तन, देवी आराधना और भंडारे का आयोजन होता है।
महाअष्टमी के दिन कन्या भोज, जिसमें सैकड़ों कन्याओं को भोजन कराकर उनका पूजन किया जाता है वही नवमी के दिन हवन और ब्राह्मण भोज के साथ नवरात्रि महोत्सव का समापन होगा। पूरे आयोजन में ग्रामीणों की अहम भूमिका रही और श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी।श्रद्धालुओं का मानना है कि जो भी सच्चे मन और श्रद्धा से मां कोसगाई दाई की शरण में आता है, उसकी सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। नवरात्रि के इस आयोजन ने धार्मिक आस्था और ग्राम संस्कृति की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।