मुंगेली पुलिस, खासकर सिटी कोतवाली थाने की भारी किरकिरी जरूर हो रही है। और यह पुलिस विभाग के मनोबल के लिए किसी भी लिहाज से सही नहीं हो सकती

सत्याग्रह डेस्क
मुंगेली सिटी कोतवाली टीआई एल पी पटेल के खिलाफ आरटीआई एक्टिविस्ट सचिन मसीह और उनके पार्टनर घनश्याम कुर्रे द्वारा लगाए गए आरोप और इसी के साथ एंटी करप्शन विभाग द्वारा उनके पूरे कार्यकाल के दौरान अर्जित अकूत संपत्ति की जांच के आवेदन के बाद सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी की रातों की नींद उड़ चुकी है। अब उनके द्वारा मीडिया को ही माध्यम बनाकर लीपापोती की कोशिशें शुरू हो चुकी है । मुंगेली के एक वेब पोर्टल को उन्होंने इसका जरिया बनाया है। उन्हें दिए गए बयान में टी आई एल पी पटेल ने कहा कि उनके खिलाफ सिटी कोतवाली थाने के ही पूर्व थाना प्रभारी द्वारा साजिश करते हुए उनकी चरित्र धूमिल करने की कोशिश की जा रही है ताकि पूर्व टी आई की पुनः पदस्थापना सिटी कोतवाली थाने में हो सके । यानी अब आय से अधिक संपत्ति के मामले को छुपाने के लिए विभाग में ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है।

इससे विभाग में तलवारे खींचती नजर आ रही है। वही एक पोर्टल को दिए अपने बयान में एल पी पटेल ने कहा कि शिकायतकर्ता सचिन और उसका पार्टनर घनश्याम कुर्रे भू माफिया है और उनके द्वारा दलाली और गुंडागर्दी की जाती है ।उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि दोनों ने रामानुज सिंह ठाकुर की जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की है जिस पर उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही थी, जिस वजह से उन पर ऐसे अनर्गल आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपो को बल देने के लिए उन्होंने एक पूरी कहानी गढ़ी है, जिसमें जमीन पर कब्जा, डराना धमकाना तो शामिल है ही वही एक नाबालिग लड़की के अपहरण की कहानी भी बड़ी होशियारी से प्लांट कर दी गई है । यह आरोप लगाया जा रहा है कि इस मामले को पूर्व टीआई द्वारा लीपापोती कर रखा दफा कर दिया गया था। चूंकि एल पी पटेल किसी थाना प्रभारी का नाम नहीं ले रहे इसलिए यह बात खुलकर सामने नहीं आ पा रही है कि उनका इशारा किसकी ओर है। वर्तमान टी आई एलपी पटेल का दावा है कि वह इसी मामले में घनश्याम कुर्रे और सचिन मसीह पर कार्यवाही कर रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ इस तरह की साजिश की जा रही है। अगर यह सच भी है तो फिर जाहिर तौर पर एलपी पटेल को नियम कायदों के दायरे में रहकर जांच करनी चाहिए, लेकिन इससे इस बात को नहीं जोड़ा जाना चाहिए कि उनके पास आय से अधिक अर्जित संपत्ति है या नहीं ।

अगर वे पाक साफ हैं , तो फिर उन्हें भी एंटी करप्शन की किसी भी जांच से कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए । कुल मिलाकर यही देखा जा रहा है कि अपने ऊपर आरोप लगने के बाद सिटी कोतवाली के वर्तमान थाना प्रभारी अपने पूर्ववर्ती अधिकारियों पर ही आरोप लगाने लगे हैं । गेंद को उन्होंने दूसरे पाले में डाल दिया है। जिस वजह से अब मुंगेली पुलिस महकमे की छवि धूमिल होने लगी है। आपस में ही अनर्गल बयानबाजी शुरू हो चुकी है। मीडिया में छन छन कर अलग-अलग खबरें आने लगी है ।लिहाजा लोगो मे चर्चा का बाजार गर्म होने लगा है कहा जा रहा कि TI पटेल सिटी कोतवाली प्रभारी का दायित्व ईमानदारीपूर्वक नही निभा रहे है, वहीं लोगों का यह भी कहना है कि अगर टीआई पटेल दोषी नही है तो फिर किसी जांच से इतने घबरा क्यों रहे हैं। इधर आरोप लगाने वाले सचिन मसीह भी बैकफुट पर आते नजर आ रहे हैं जब हमारे संवाददाता ने उनसे बातचीत की तो उन्होंने भी मामले में वह उत्साह नहीं दिखाया जैसा की शिकायत करने के दौरान उनमें दिखा था। उन्होंने कहा कि उन्हें भी डर है की बदले की कार्यवाही में उनके खिलाफ कोई झूठा मुकदमा बनाकर उन्हें फंसाया जा सकता है। साथ ही सचिन मसीह यह भी कहते हैं कि उनके पास जब कोई जमीन ही नहीं है तो फिर वे भूमाफिया कैसे हो गए ? जैसा कि टीआई ने उन पर आरोप लगाया है ।

सचिन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। आवेदक सचिन के अनुसार आरोप प्रत्यारोप की इस जंग में दबाव के बल पर आवेदक सचिन को डिस्टर्ब करने की पूरी तैयारी साफ नजर आ रही है,,, ताकि सचिन शिकायत वापस ले ले, बहरहाल शिकायत एंटी करप्शन विभाग में हो चुकी है और अब शिकायतकर्ता चाहे जो भी कहे एंटी करप्शन विभाग कभी भी जांच कर सकती है और जांच सही पाए जाने पर पीआईएल पटेल की मुसीबत बढ़ेगी । उनकी मुसीबत अब इसलिए भी खत्म नहीं हो रही क्योंकि उन्होंने खुद के बचाव के लिए पूर्व थाना प्रभारियों पर ही आरोप लगा दिया है। जिससे विभाग में ही आरोप प्रत्यारोप का दौर आरंभ हो चुका है। जाहिर है यह बात उच्चाधिकारियों को पसंद नहीं आएगी। अब यह जंग कहां जा कर ठहरेगी, कहना मुश्किल है, लेकिन इस वजह से मुंगेली पुलिस, खासकर सिटी कोतवाली थाने की भारी किरकिरी जरूर हो रही है। और यह पुलिस विभाग के मनोबल के लिए किसी भी लिहाज से सही नहीं हो सकती।