
उदय सिंह
मस्तूरी – विकास खंड अंतर्गत ग्राम जैतपुरी स्थित चंदा के अंजोर महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान से जुड़ा एक बड़ा खाद्यान्न गबन मामला उजागर होने के बाद भी अब तक कार्रवाई लटकी हुई है, जिसमें फरवरी, मार्च और अप्रैल 2023 के बीच करीब 600 हितग्राहियों का राशन नहीं वितरित किया गया। मामले की जांच में यह खुलासा हुआ है कि ऑनलाईन बचत स्टॉक में दर्ज चावल 387.32 क्विंटल, शक्कर 7.07 क्विंटल और रिफाइंड नमक 6.93 क्विंटल को वर्तमान संचालक समूह को भौतिक रूप से हस्तांतरित नहीं किया गया। खाद्य निरीक्षक मस्तूरी द्वारा 28 दिसंबर 2024 को की गई जांच में यह बात सामने आई थी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मस्तूरी द्वारा दिनांक 26 मई 2025 को नोटिस जारी कर समूह अध्यक्ष संतोषी यादव, सचिव मोनिका पटेल एवं पूर्व विक्रेता संजय यादव को दोषी ठहराया गया था।
नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि संबंधित खाद्यान्न या उसकी बाजार दर के अनुसार 16,50,344.06 (सोलह लाख पचास हजार तीन सौ चवालीस रुपये छह पैसे) की राशि शासन मद में जमा कर 20 जून 2025 तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। हालांकि नियत तिथि बीत जाने के बावजूद अब तक न तो खाद्यान्न का भौतिक हस्तांतरण किया गया है और न ही राशि की वसूली की कोई कार्रवाई हुई है। इस पर ग्रामीणों और वर्तमान सरपंच ने गंभीर आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले में दोषियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिस कारण प्रशासन कार्रवाई करने से कतरा रहा है। गांव के सैकड़ों हितग्राही राशन से वंचित हुए, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सरपंच और ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि दोषी समूह के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 16(7) के अंतर्गत तत्काल भू-राजस्व बकाया के रूप में वसूली की जाए और एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।ग्रामीणों की मांग है कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो वे जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे। मामले में पारदर्शिता और न्याय की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है।